पशुओं के उत्पात से किसान परेशान

मोहनपुर. प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सूअरों एवं नीलगायों का आतंक है. किसानों को खेतों की रखवाली रात-रातभर जाग कर करनी पड़ रही है. मकई, आलू, गेहूं एवं सरसों की फसलों को भयंकर नुकसान पहुंच रहा है. नीलगायों से कई बार राहगीरों को भी खतरा हो चुका है. एक खेत से दूसरी ओर फांदने के […]

मोहनपुर. प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सूअरों एवं नीलगायों का आतंक है. किसानों को खेतों की रखवाली रात-रातभर जाग कर करनी पड़ रही है. मकई, आलू, गेहूं एवं सरसों की फसलों को भयंकर नुकसान पहुंच रहा है. नीलगायों से कई बार राहगीरों को भी खतरा हो चुका है. एक खेत से दूसरी ओर फांदने के क्रम में नीलगायों ने सड़क पर चलते राहगीरों को चोटिल कर दिया. वनैले सूअरों से छोटे बच्चों के अतिरिक्त बड़ों को भी खतरा बना रहता है. ये सूअर दिन में भी जानलेवा हमला कर देते हैं. प्रखंड के हरदासपुर, जौनापुर, चपड़ा, बरूआ, रसलपुर, मटिऔर और जलालपुर गांवों में इन वनपशुओं ने क्षति पहुंचायी है. पारंपरिक तौर पर बिजुका बनाकर क्षतिकारी पशुओं को डराने की पद्धति का भी कोई असर नहीं हो रहा है. वे दुबक कर खेतों में खड़े रहते हैं और नीलगायें खेत की फसल को चटकर जाती हैं.

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