आरक्षण रोस्टर के पेच में फंसा प्रवरण वेतनमान

आरक्षण रोस्टर वाद उच्च न्यायालय में लंबित प्रतिनिधि, समस्तीपुरप्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रवरण वेतनमान विगत दो वर्षों से इस जिले में लंबित पड़ा हुआ है. इस वजह से जिले के सेवानिवृत्त व कार्यरत लगभग तीन हजार शिक्षक प्रवरण वेतनमान, एसीपी व शिक्षक स्नातक प्रोन्नति से भी अब तक वंचित हैं. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना […]

आरक्षण रोस्टर वाद उच्च न्यायालय में लंबित प्रतिनिधि, समस्तीपुरप्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रवरण वेतनमान विगत दो वर्षों से इस जिले में लंबित पड़ा हुआ है. इस वजह से जिले के सेवानिवृत्त व कार्यरत लगभग तीन हजार शिक्षक प्रवरण वेतनमान, एसीपी व शिक्षक स्नातक प्रोन्नति से भी अब तक वंचित हैं. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना रामचंद्र मंडल के द्वारा निर्गत पत्रांक 574 में जिक्र किया गया है कि वर्तमान में आरक्षण रोस्टर वाद माननीय उच्च न्यायालय में लंबित रहने के कारण यह लाभ अभी शिक्षकों को देने में विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में असमर्थता जतायी गयी है. साथ ही प्रोन्नति की कार्रवाई भी तत्काल स्थगित रहने की बात कही गयी है. वहीं बढ़े हुए दर पर उपादान की अंतर राशि का भुगतान कार्यालय के द्वारा किया जा रहा है. डीपीओ ने बताया है कि जो भी मामले आते हैं कार्रवाई करते हुए महालेखाकार को भेजा जाता है. फिलवक्त डीपीओ स्थापना कार्यालय में कोई भी मामला लंबित नहीं है. बताते चलें कि दिसंबर 13 में तत्कालीन डीइओ के कार्यकाल में प्रोन्नति समिति की बैठक कर मात्र औपचारिकता पूरी करते हुए एसीपी के लिए आवेदन पत्र की मांग की गयी और प्रवरण वेतनमान की सूची क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को भेजी गयी. तत्कालीन आरडीडीइ के द्वारा सूची अनुमोदन होकर डीपीओ स्थापना कार्यालय को प्राप्त भी हुआ. बावजूद न्यायालय में वाद लंबित रहने के कारण शिक्षक इस लाभ से वंचित हैं. विदित हो कि आरक्षण रोस्टर के अनुसार कार्यरत बल का 20 फीसदी शिक्षकों को प्रति वर्ष प्रवरण वेतनमान दिया जाना है.

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