वर्षों से लंबित पड़ा है प्रारंभिक शिक्षकों का प्रवरण वेतनमान

लगभग तीन हजार शिक्षक लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण सरकारी देय लाभ से वंचितसमस्तीपुर. प्रारंभिक शिक्षक सरकार द्वारा देय लाभ क ी प्राप्ति के लिए वर्षों से आंदोलनरत है. बावजूद जिले में सेवानिवृत्त व कार्यरत लगभग तीन हजार शिक्षक प्रवरण वेतनमान, एसीपी व शिक्षक स्नातक प्रोन्नति से अब तक वंचित हैं. पदाधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली के […]

लगभग तीन हजार शिक्षक लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण सरकारी देय लाभ से वंचितसमस्तीपुर. प्रारंभिक शिक्षक सरकार द्वारा देय लाभ क ी प्राप्ति के लिए वर्षों से आंदोलनरत है. बावजूद जिले में सेवानिवृत्त व कार्यरत लगभग तीन हजार शिक्षक प्रवरण वेतनमान, एसीपी व शिक्षक स्नातक प्रोन्नति से अब तक वंचित हैं. पदाधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली के कारण ही हर स्तर पर इनक ो मानसिक रूप से प्रताडि़त होना पड़ रहा है. वर्ष 2013 में जब सरकारी देय लाभ के लिए शिक्षक संघ के द्वारा आंदोलन का बिगुल फूंका गया तो पदाधिकारियों ने आश्वासन की घुटी पिला इनके उग्र आंदोलन पर विराम लगा दी. लेकिन लाभ प्राप्ति के लिए शिक्षक आज भी बाट जोह रहे हैं. विदित हो कि दिसंबर 13 में तत्कालीन डीइओ के कार्यकाल में प्रोन्नति समिति की बैठक कर मात्र औपचारिकता पूरी करते हुए एसीपी के लिए आवेदन पत्र की मांग की गयी और प्रवरण वेतनमान की सूची क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को भेजी गयी. तत्कालीन आरडीडीइ के द्वारा सूची अनुमोदन होकर डीपीओ स्थापना कार्यालय को प्राप्त भी हुआ. लेकिन, दो वर्ष बीत जाने के बावजूद भी लाभ से शिक्षक वंचित हैं. वहीं ऐच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया भी कई वर्षों से लंबित पड़ी हुई है. बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला सचिव शिवचंद्र राय का कहना है कि प्रोन्नति समिति की बैठक की तिथि का निर्धारण एक बार फिर किया गया है. लेकिन, पदाधिकारियों की मंशा आज भी पूर्वाग्रह से ग्रसित है.

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