फोटो फारवार्ड :::::::अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का हुआ समापनबेहतर प्रदर्शन व योगदान के लिए कलाकार हुए सम्मानितप्रतिनिधि, दलसिंहसरायक्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है. ताकि उसकी प्रतिभा निखर सके. ललित कला अकादमी इस दिशा में प्रयासरत है कि कलाकारों को कला के क्षेत्र में समुचित पहचान मिल सके. यह बातें बिहार ललित कला अकादमी के अध्यक्ष आनंद प्रसाद बादल ने कही. वे अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2015 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी कला होती है. यह मिथिला का क्षेत्र है. यहां की मधुबनी पेंटिंग विख्यात है. इसलिए कलाकारों को ऐसा प्रयास करना चाहिए कि हमारी कला व संस्कृति उस मंजिल तक पहुंच सके. जहां उसे ख्याति प्राप्त है. स्थानीय विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह ने दलसिंहसराय क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी की सराहना की. साथ ही इसे प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया. समापन समारोह का उद्घाटन विधायक श्री सिंह, पूर्व एडीजे नागेंद्र नाथ चौधरी, नपं चेयरमैन सुशील कुमार सुरेका, चांद मुसाफिर व भोलानाथ मधुकर ने संयुक्त रुप से किया. मौके पर फाउंडेशन के अध्यक्ष सह प्रख्यात युवा चित्रकार मो. सुलेमान ने दलसिंहसराय में अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के उद्देश्य, उपयोगिता व महत्ता पर प्रकाश डाला. समापन समारोह में चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन, छाया कला की लगी प्रदर्शनी का उपस्थित लोगों ने सराहा. वहीं अकादमी के अध्यक्ष आनंद प्रसाद बादल, मूर्तिकार व चित्रकार अमरेश कुमार, अनिल बिहारी, किशोर चंद, कुणाल किशोर, वीरचंद्र कुमार वीर, चंद्रमा देवी, राशिद हुसैन, डॉली शर्मा आदि को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. इस अवसर पर शहर के हरिश्चंद्र पोद्दार, शैलेंद्र कुमार चौधरी, रमाकांत प्रसाद आदि उपस्थित थे.
क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन जरुरी : आनंद
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