पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के आधार विज्ञान एवं मानविकी संकाय के मशरुम विभाग में पांच दिनी उत्पादन एवं विपनण विषय पर प्रशिक्षण की शुरूआत हुई. इसमें बतौर मुख्य अतिथि डीन डॉ बीके चौधरी ने कहा कि राज्य के तमाम जिलें के पुरुष के अपेक्षा महिला किसान में मशरुम उत्पादन के तकनीक से हुनरमंद होने की ललक ज्यादा देखा जा रहा है. राज्य स्तर पर देखा जाए तो पुरुष से ज्यादा फिलहाल महिलाएं ही उत्पादन से लेकर विपनण कार्य कर रही है. मशरुम वैज्ञानिक डॉ दयाराम ने कहा कि जिस तरह से किसानों में मशरुम के प्रति जिज्ञासा बढ़ती जा रही है. वो दिन दूर नहीं कि राज्य ही नहीं बल्कि देश स्तर तक आरएयू के इस तकनीक से किसान लाभ ले सकेंगे. खासतौर से वर्तमान कुलपति डॉ आरके मित्तल खुद कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे हर तरह के प्रशिक्षण का मॉनीटरिंग कर किसानों से फीडबैक लेने में तत्पर रहते हैं. मौके पर डीआर मिथिलेश कुमार, डॉ नारायणी प्रसाद, डॉ दाउदी, डॉ एके सिंह, डॉ हर्ष कुमार मौजूद थे. संचालन डॉ दयाराम व धन्यवाद ज्ञापन संजीव कुमार ने दिया.
महिलओं में मशरुम उत्पादन तकनीक को ले ललक : डीन
पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के आधार विज्ञान एवं मानविकी संकाय के मशरुम विभाग में पांच दिनी उत्पादन एवं विपनण विषय पर प्रशिक्षण की शुरूआत हुई. इसमें बतौर मुख्य अतिथि डीन डॉ बीके चौधरी ने कहा कि राज्य के तमाम जिलें के पुरुष के अपेक्षा महिला किसान में मशरुम उत्पादन के तकनीक से हुनरमंद होने की […]
