पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में चल रहे पांच दिनी मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण समापन किया गया. अध्यक्षता प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जेपी उपाध्याय ने की. मुख्य अतिथि डीन वेटनरी डॉ एसआर सिंह ने प्रशिक्षण में औषधीय गुणों के बारे में बताया. उन्होंने कहा इससे मशरुम को पहचाने का अवसर मिलेगा. इसे व्यवसाय का रूप देना हितकर होगा. जिले के हसनपुर से आये दो दर्जन से अधिक किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. प्रतिभागी नवीन कु मार ने कहा कि हमलोगों को बटन मशरुम के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया. सिर्फ एक प्रभेद आयेस्टर के बारे में ही प्रशिक्षण दिया गया. जवाब देते हुए वैज्ञानिक डॉ दयाराम ने बताया कि बटन मशरुम का प्रशिक्षण सैद्धांतिक रूप से संभव नहीं है. जब तक के इस पर प्रयोगिक तौर से समय नहीं दिया जायेगा. मौके पर प्रसार शिक्षा के उपनिदेशक डॉ एके सिंह आदि मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन डॉ अरुणिमा कुमारी ने दिया.
मशरुम प्रशिक्षण से प्रशिक्षणार्थी क्षुब्ध
पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में चल रहे पांच दिनी मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण समापन किया गया. अध्यक्षता प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जेपी उपाध्याय ने की. मुख्य अतिथि डीन वेटनरी डॉ एसआर सिंह ने प्रशिक्षण में औषधीय गुणों के बारे में बताया. उन्होंने कहा इससे मशरुम को पहचाने का अवसर मिलेगा. इसे व्यवसाय का […]
