बिजली की सुविधा से व्यावसायिक प्रतिष्ठान वंचित

तीस साल पहले जलती थी बिजलीहाल प्रखंड के कौवा चौक कामोरवा. बिजली विभाग एवं सरकार के दावे प्रखंड क्षेत्र के कौवा चौक पर खोखले साबित हो रहे हैं. इस चौक पर बैंक की तीन शाखाओं समेत पांच सौ से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. सभी बिजली सुविधा के लिए तरस रहे हैं. यहां के दुकानदारों ने […]

तीस साल पहले जलती थी बिजलीहाल प्रखंड के कौवा चौक कामोरवा. बिजली विभाग एवं सरकार के दावे प्रखंड क्षेत्र के कौवा चौक पर खोखले साबित हो रहे हैं. इस चौक पर बैंक की तीन शाखाओं समेत पांच सौ से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. सभी बिजली सुविधा के लिए तरस रहे हैं. यहां के दुकानदारों ने बिजली के लिए विभागीय कार्यालय से लेकर मंत्री एवं सांसद तक के दरवाजे खटखटाये. लेकिन उम्मीदों पर अंधेरा कायम है. लोग बताते हैं कि आज से करीब तीस साल पहले तक यह चौक बिजली की रोशनी से नहायी रहती थी. लेकिन जैसे जैसे सुविधाओं का विकास हुआ और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बढ़ते गये बिजली की तार छोटा होने लगा. आज नतीजा यह है कि इस क्षेत्र के कई मिल, बैंक एवं दुकान जेनेरेटर सेवा पर आश्रित हैं. कोई भी अधिकारी यहां ठोस जवाब नहीं देते कि यहां आखिर बिजली कब लगेगी. प्रखंड क्षेत्र में और कई छोटे छोटे चौक चौराहे चकलालशाही, हलई, बाजितपुर करनैल, मोरवा आदि जगहों पर बिजली जलती है. जबकि मुसरीघरारी और पटोरी के बीच की सबसे बड़े व्यावसायिक स्थल को बिजली सुविधा से वंचित रख गया है. अब तो लोग इसके लिए आंदोलन की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर विभाग इस पर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाती है तो बाध्य होकर सड़क जाम करना होगा.

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