समस्तीपुर. रोसड़ा गोशाला के प्रांगण में अमृत वनौषधिक एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र रोसड़ा द्वारा आयोजित देसी गौ संवर्द्घन, पंचगव्य औषधियों के निर्माण एवं जैविक खेती के प्रसार की आवश्यकता विषयक किसान संगोष्ठी का उद्घाटन पूर्व प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार राय ने दीप प्रज्जवलित कर किया़ संगोष्ठी में विभिन्न प्रखंडों के किसान प्रतिनिधियों से देशी नस्ल की गायों को बचाने एवं उसके संवर्द्घन करने का आह्वान किया गया़ पूर्व प्रमुख ने देशी गायों को गौ माता के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए दूध, दही, घर, गोबर एवं गोमूत्र के पंचगव्य को मानव स्वास्थ्य के लिए गुणकारी और स्वास्थ्यवर्द्घक बताया़ अमृत पंचगव्य केंद्र सिहमा (बेगूसराय जिला) के संचालक विमलेश चौधरी एवं लिलहौल केंद्र (सिंघिया प्रखंड) के संचालक संजय कुमार सिंह ने देशी गाय के गोमूत्र से बने अर्क के प्रयोग से लीवर, पेट रोगों में हुए चमत्कारिक लाभों के अनुभवों की जानकारी दी़ विरनामा (उजियारपुर) केंद्र के संचालक उमेश राय ने नीम और गोमूत्र से बने कीटनाशकों के प्रयोग के अनुभवों को बताते हुए अपने द्वारा शंखपुष्पी, ब्राह्मी, तुलसी के साथ गोमूत्र अर्क से बनाये गये ‘गौकोला’ को स्वास्थ्य एवं बुद्घिवर्द्घक पेय प्रमाणित किया़ इसकी अध्यक्षता रामेश्वर पूर्वे ने की. मौके पर पूर्व आत्मा अध्यक्ष सुधीर प्रसाद सहित कई लोग मौजूद थे.
देसी गौ के संवर्द्धन पर रहा जोर
समस्तीपुर. रोसड़ा गोशाला के प्रांगण में अमृत वनौषधिक एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र रोसड़ा द्वारा आयोजित देसी गौ संवर्द्घन, पंचगव्य औषधियों के निर्माण एवं जैविक खेती के प्रसार की आवश्यकता विषयक किसान संगोष्ठी का उद्घाटन पूर्व प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार राय ने दीप प्रज्जवलित कर किया़ संगोष्ठी में विभिन्न प्रखंडों के किसान प्रतिनिधियों से देशी नस्ल […]
