फोटो फारवार्ड :::::::::* राज्य के 38 जिलों में हो रही मशरुम की पैदावार* राज्यभर से मशरुम उत्पादक प्रत्यक्षण में पहुंचे किसानपूसा. राजेंद्र कृ षि विश्वविद्यालय के मशरुम विभाग में मशरुम के विभिन्न प्रजातियों को लेकर किसानों के बीच प्रत्यक्षण किया गया. जिसमें बटन मशरुम सहित अन्य प्रभेदों के बारे में वैज्ञानिक डा. दयाराम ने किसानों को उत्पादन से लेकर विपनण तक का तकनिक से अवगत कराया. इन्होंने कहा कि बटन मशरुम का मांग स्वाद एवं संचरना की दृष्टिकोण से बढ़ता ही जा रहा है. मौजूद किसानों के बीच बटन मशरुम सहित आयेस्टर, दुधिया, श्वेत दुधिया एवं वृहत मशरुम के बारे में बताया गया. इधर, बिरौली स्थित महादलित टोला में महिलाओं के माध्यम से मशरुम उत्पादन कर एक मिशाल के रूप में आगे बढ़ने को लेकर आधार विज्ञान के अधिष्ठाता डॉ बीके चौधरी ने सराहनीय कदम बताया. साथ ही कहा महादलित टोला मालपुर में बहुत जल्द ही वैज्ञानिकों के साथ गोष्ठी आहूत कर नवीनतम तकनिक से परिपूर्ण किया जायेगा. बिरौली मालपुर की महिला उत्पादकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप सभी उत्पादक एक समूह का निर्माण बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर इस व्यवसाय को वृहत पैमाने पर पैदावार कर लाभान्वित हो. फिलहाल आप सभी उत्पादकों का मशरुम यहां हमारे विभाग में ही खरीदा जायेगा.
स्वाद व संरचना की दृष्टिकोण से बटन मशरुम मांग अधिक : डॉ दयाराम
फोटो फारवार्ड :::::::::* राज्य के 38 जिलों में हो रही मशरुम की पैदावार* राज्यभर से मशरुम उत्पादक प्रत्यक्षण में पहुंचे किसानपूसा. राजेंद्र कृ षि विश्वविद्यालय के मशरुम विभाग में मशरुम के विभिन्न प्रजातियों को लेकर किसानों के बीच प्रत्यक्षण किया गया. जिसमें बटन मशरुम सहित अन्य प्रभेदों के बारे में वैज्ञानिक डा. दयाराम ने किसानों […]
