समस्तीपुर : बीते वर्ष 2014 में जिले के विभिन्न 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर अवस्थित जांच केंद्रों की तिमाही रिपोर्ट पर नजर डालें तो पता चलता है कि जनवरी से दिसंबर तक 21769 लोगों में यक्ष्मा होने के आरंभिक लक्षण पाये गये. जिन्हें बलगम जांच के लिए केंद्रों तक भेजा गया था.
इसमें से 2256 मामले पॉजिटिव पाये गये हैं. इसमें 1691 यक्ष्मा के नये रोगी तैयार होकर स्वास्थ्य विभाग के सामने पहुंचे जबकि शेष 565 पॉजिटिव मामले पुराने रोगियों से ही जुड़े थे.
विभाग के मुताबिक दोबारा सामने आये इन 565 यक्ष्मा के मरीजों की वजह किसी कारणवश डॉट्स का कोर्स पूरी तरह नहीं लेना माना जा रहा है. इन नये-पुराने मामलों को लेकर वर्ष 14 में कुल 3247 रोगी चिह्न्ति हुए. इसमें वर्ष 13 में पाये गये मरीज भी शामिल हैं. जिनका उपचार जिले के विभिन्न डॉट्स केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है.
