मोहिउद्दीननगर. शिक्षकों की समस्या को लेकर अब उनके संघ ही नहीं बल्कि समाजसेवी भी चिंतित होने लगे हैं. उनका चिंतित होना स्वाभाविक भी है. क्योंकि प्राय: सरकारी स्कूलों में आम आदमी के ही बच्चे पढ़ने जाया करते हैं. आम आदमी को सरकार द्वारा शिक्षा से वंचित करने की साजिश को समाजसेवी के समझ में आने लगा है तभी तो मोहनपुर प्रखंड के रामचंद्रपुर दशहरा के समाजसेवी सह पर्यावरणसेवी सुजीत कुमार भगत ने माध्यमिक शिक्षकों की दक्षता परीक्षा का अयोजन अतिशीघ्र करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है. सुजीत ने इसके लिए एक – एक पत्र मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी, शिक्षामंत्री वृषिण पटेल के सचिव और माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजा है. उन्होंने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि 2010 के बाद माध्यमिक शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा का आयोजन तक नहीं किया गया है. नतीजन 2008 के बाद नियोजित हुए माध्यमिक शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल सका है. इससे उनमें असंतोष की भावना पनप रही है. जिसका निदान अतिशीघ्र होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त वैसे शिक्षक जो 2012 के पूर्व बहाल हुए है और एसटीइटी की परीक्षा में सम्मिलित होकर उत्तीर्णता हासिल कर लिये हैं उन्हें दक्षता उत्तीर्ण का लाभ दिये जाने का भी जिक्र किया गया है.
माध्यमिक शिक्षकों की दक्षता परीक्षा लेने की उठी मांग
मोहिउद्दीननगर. शिक्षकों की समस्या को लेकर अब उनके संघ ही नहीं बल्कि समाजसेवी भी चिंतित होने लगे हैं. उनका चिंतित होना स्वाभाविक भी है. क्योंकि प्राय: सरकारी स्कूलों में आम आदमी के ही बच्चे पढ़ने जाया करते हैं. आम आदमी को सरकार द्वारा शिक्षा से वंचित करने की साजिश को समाजसेवी के समझ में आने […]
