मोहिउद्दीननगर: अपनेे छोटे भाई कंपाउडर संजीव की हत्या की खबर सुनकर युवक का बड़ा भाई दीपक जब घटनास्थल पर पहुंचा तो उसने बताया कि संजीव शुक्रवार की शाम अपनी चचेरी बहन का मोबाइल ठीक कराने के लिए समस्तीपुर स्थित अपने घर से निकला था. रात बीतने पर जब फोन से संपर्क किया गया तो युवक अपने को मुसरीघरारी सब्जी मंडी में होने की बात कही थी. उसके बाद वह उसके कॉल को अनसुना कर दिया था.
पिता ने बताया कि संजीव अंतिम बार घर छठ व्रत के अवसर पर आया था. वह अक्सर मरीज को लेकर पटना आया जाया करता था. युवक के घर में भी मां, बहन और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका है. मायके में रह रही पत्नी पूनम जहां अपनी मांग उजड़ जाने से व्याकुल रह-रहकर मूर्छित हो जाया करती थी. वहीं बिनगामा में माता उर्मिला देवी का भी कुछ यही हाल हो रहा था. सोनमा हो सोनमा कहकर वह चिल्ला उठती थी. बहन सुमन की आंखों से आंसू की धार अविरल टपक रही थी और वह भी जमीन पर लोट-लोटकर अपना बुरा हाल बना रखी थी.
