सीबीएसई ने माना विषयों में सुधार की जरूरत समस्तीपुर, प्रतिनिधि . केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को स्पेशल कोचिंग रेमेडियल क्लास दी जायेगी़ इसमें उन विषयों पर खासा जोर रहेगा जिनमें छात्र आम तौर पर कमजोर रहते है़ं यह कोचिंग अतिरिक्त तैयारी कराने के रूप में होगी. जिसकी शुरुआत जनवरी माह में होगी़ सीबीएसई ने वर्ष 2014 के 12 वीं के परिणाम का विलेषण किया है़ इसमें पाया कि सात विषयों में सुधार की जरूरत है़ लिहाजा बोर्ड ने रेमेडियल क्लास लगाने का फैसला किया़ इसके लिए अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायन, एकाउंटेंसी व बिजनेस स्टडी को चुना गया है़ वोकेशनल स्ट्रीम के छात्रों को भी पसंदीदा विषयों की पढ़ाई के लिए इन क्लासेज में उपस्थित होना है़ कक्षाएं दो से नौ जनवरी 2015 तक चलेगी़ बोर्ड ने पिछले दिनों आदेश जारी कर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अतिरिक्त विषयों की कक्षाएं भी लगाने को कहा है़ इनमें बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य है़ स्कूलों को कहा गया है कि सौ फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वह जरूरी कदम उठाये़ यह क्लासेज सुबह की पाली में 8:30 से 11:45 तक चलेगी, जबकि शाम की पाली वाले स्कूलों में यह कक्षाएं दोपहर 12:15 से दोपहर 3:30 तक चलेगी़ सीबीएसई के पैटर्न व पेपर के डिजाइन के मुताबिक ही छात्रों की तैयारी करायी जायेगी़ इनमें शिक्षकों को अतिरिक्त सहायक सामग्री का प्रयोग भी करना होगा़
सीबीएससी स्कूलों में लगेंगी रेमेडियल क्लासेज
सीबीएसई ने माना विषयों में सुधार की जरूरत समस्तीपुर, प्रतिनिधि . केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को स्पेशल कोचिंग रेमेडियल क्लास दी जायेगी़ इसमें उन विषयों पर खासा जोर रहेगा जिनमें छात्र आम तौर पर कमजोर रहते है़ं यह कोचिंग अतिरिक्त तैयारी कराने के […]
