समस्तीपुर : जिले के सिंघिया प्रखंड में आशा फैसिलिटेटर के चयन में नियमों की घोर अनदेखी हुई है. इस मसले को सत्य पाते हुए सिविल सर्जन डॉ गिरींद्र शेखर सिंह ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से चयनित फैसिलिटेटरों से संबंधित सभी कागजात तलब किया है. इसके लिए उन्हें पंद्रह दिनों का वक्त दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, सिंघिया प्रखंड की आशा रानी कुमारी ने इस बाबत सिविल सर्जन को आवेदन देकर चयन में घोर अनियमितता बरते जाने की शिकायत की थी. आरंभिक जांच पड़ताल के दौरान इस आशा की ओर से दिये गये आवेदन में लगाये गये आरोप सत्य पाये गये हैं. इसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल सिंघिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र जारी किया है. इसमें शिकायतकर्ता आशा समेत अन्य सभी चयनित आशा फैसिलिटेटरों का शैक्षणिक प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित छाया प्रति एक पक्ष के अंदर जांच के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में भेजने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कार्यवाही पंजी की भी अभिप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है. सभी वांछित कागजात समय सीमा के भीतर ही उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया है.
ताकि शिकायतकर्ता के आवेदन और वस्तुस्थिति की परख की जा सके.राज्य स्वास्थ्य समिति ने वर्ष 2011 में आशा फैसिलिटेटर को नियुक्त करने का निर्णय लिया था. इसके तहत प्रत्येक 20 आशा पर एक फैसिलिटेटर की पदस्थापित करना है. इसका कार्य आशा को गाइड करना है. इसलिए फैसिलिटेटरों का चयन करते समय वैसी आशा को वरीयता देने का निर्देश दिया गया था जो शैक्षणिक और कार्य क्षेत्र दोनों ही दृष्टिकोण से विभागीय कसौटी पर खरा उतर रही हो. इन फैसिलिटेटरों को क्षेत्र भ्रमण के दौरान 175 रुपये देने की व्यवस्था की गयी. फिलहाल जिले में 178 आशा फैसिलिटेटर कार्यरत हैं.
