फोटो फारवार्ड :::मोहीउद्दीननगर. जाग जाग महादेव के उदघोष व शिव जन जन के गुरू हैं के साथ शिव शिष्य परिवार मोहीउद्दीननगर द्वारा राकृ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में रविवार को एक दिवसीय शिव गुरू आध्यात्मिक परिचर्चा हुई. इसमें स्थानीय लोगों के के अलावा दलसिंहसराय, रोसड़ा, विभूतिपूर, खगडि़या, बेगूसराय के शिव शिष्यों ने शिरकत की. खगडि़या से आये संजय बिहारी ने कहा कि शिव का शिष्यतत्व प्राप्त कर मनुष्य लौकिक व पारलौकिक मनोरथ पूर्ण करता है. आस्था के अधीन होकर व्यक्ति आनन फानन में किसी भी गुरू के शिष्यतत्व को स्वीकार कर लेता है परन्तु परिणाम जब सामने आता तो पश्चाताप के अलावा उसे कुछ भी हासिल नहीं होता है. ऐसे स्थिति में निराकार शिव को गुरू मानने पर जन्म जन्म की मनोरथ सिद्घ होती है. शिव शिष्य बनने में जाति तथा धर्म की बाधाएं नहीं आती है. साहब हरेन्द्रानंद तथा शक्ति स्वरूपा दीदी नीलम ने बतायें तीन सूत्री नियम को आत्मसात कर इस नश्वर संसार में हम भवाधा को पार कर सकते हैं. संगीतमय प्रस्तुति को सुनकर शिवशिष्य भावविह्वल हो रहे थे और भक्ति की गंगा में डुबकी लगा रहे थे. मौके पर पवन सिंह, रामकिशुन सहनी, जनकलाल निराला, परशुराम दास, प्रभुनाथ सिंह, संदीप राय, मंजू देवी, पूर्व मुखिया रामाश्रय ठाकुर उपस्थित थे.
आध्यात्मिक चर्चा में उमड़े श्रद्धालु
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