सीएए-एनआरसी का वामदलों ने किया विरोध
समस्तीपुर : सीएए, एनपीआर व एनआरसी के खिलाफ शनिवार को वामपंथ पार्टियों ने मानव शृंखला बनायी. समाहरणालय के सामने दोपहर में कतारबद्ध होकर लोगों ने हाथ से हाथ जोड़कर अपना विरोध जताया. एक दूसरे का हाथ पकड़े हुये लोग साथ में सीएए, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में तख्ती लटकाये हुयें थे. इसमें बड़ी संख्या […]
समस्तीपुर : सीएए, एनपीआर व एनआरसी के खिलाफ शनिवार को वामपंथ पार्टियों ने मानव शृंखला बनायी. समाहरणालय के सामने दोपहर में कतारबद्ध होकर लोगों ने हाथ से हाथ जोड़कर अपना विरोध जताया. एक दूसरे का हाथ पकड़े हुये लोग साथ में सीएए, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में तख्ती लटकाये हुयें थे. इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई. शनिवार को आयोजित इस मानव शृंखला में माकपा, भाकपा व भाकपा माले के कार्यकर्ता भी शामिल हुये. इसके साथ आम लोग भी थे.
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इसमें अन्य दलों का सहयोग भी उन्हें मिला. इस दौरान केंद्र सरकार से उक्त आदेश को वापस लेने की मांग की गयी. दोनों सरकार से इस घर उजारी आदेश को वापस लेने की मांग भी की गयी. नेताओं ने कहा, केंद्र की भाजपा सरकार देश में विभाजनकारी नीतियां चला रही है.
संविधान प्रदत्त अधिकारों को समाप्त करने की साजिश रच रही है. लेकिन, देश के लोग सरकार की साजिश को समझ चुके हैं. सरकार देश में धर्म के आधार पर बांटने की पूरी कोशिश में लगी है. लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है. लोग महंगाई के शिकार हो रहे हैं. लेकिन लोगों का ध्यान भटकाने के लिए प्रतिदिन नये नियम बनाकर परेशान किया जा रहा है.
लोगों को इसके प्रतिरोध के लिए आगे आने की जरूरत है. समस्तीपुर में रामाश्रय महतो, जिला सचिव अजय कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यनारायण सिंह, ललन कुमार, रामसागर पासवान, भोला प्रसाद, भोला राय, उपेंद्र राय, अवधेश मिश्रा, ए हादी, उपेंद्र राय, सीपीआई के जिला सचिव सुरेंद्र कुमार मुन्ना, रामचंद्र महतो, प्रयाग मुखिया, सीपीआइएम के जिला सचिव उमेश कुमार, फूलबाबू सिंह, सुरेंद्र कुमार व सत्याग्रह आंदोलन के नेता फैजुर रहमान आदि शामिल थे.
इधर, वामपंथ पार्टियों की ओर से बनायी गयी इस मानव शृंखला में महागठबंधन के लोगों ने भी साथ दिया. जितवारपुर चौक पर इस दौरान मानव शृंखला बनाया गया, जिसमें राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, रविंद्र कुमार रवि, प्रमोद कुमार राय, विष्णु राय, एनुल हक, रामलौलिन राय आदि शामिल हुये.
