बंध्याकरण के बाद गर्भ ठहरने के मामले में विभाग ने हर्जाना के लिए की अनुशंसा

समस्तीपुर : सरकारी अस्पताल में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भी गर्भ ठहरने के मामले में क्षतिपूर्ति के लिए दावा करने वाली जिले की तीन महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग हर्जाना देगी़ जिला स्वास्थ्य समिति ने याचिका की फाइल को जांचोंपरांत अनुशंसा के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजा है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी के आदेश […]

समस्तीपुर : सरकारी अस्पताल में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद भी गर्भ ठहरने के मामले में क्षतिपूर्ति के लिए दावा करने वाली जिले की तीन महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग हर्जाना देगी़ जिला स्वास्थ्य समिति ने याचिका की फाइल को जांचोंपरांत अनुशंसा के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजा है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी के आदेश पर उन महिलाओं के शिकायत की जांच की गयी थी़ जांच में याचिकाओं के आरोप सही पाये जाने के बाद पीड़ित महिलाओं को हर्जाना की राशि की अनुशंसा के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजा गया है.

जहां से मोहर लगने के बाद उन महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर्जाना स्वरूप प्रति महिला तीस-तीस हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा. जानकारी के अनुसार कल्याणपुर प्रखंड के हजपुरवा करूआ निवासी अजय कुमार दास की पत्नी सीता देवी सहित दो अलग-अलग स्थानों की महिलाओं ने बंध्याकरण ऑपरेशन के फेल हो जाने का दावा किया था.

बताया गया है कि सीता देवी ने 31 मार्च 2016 में परिवार नियोजन का ऑपरेशन कराया था़ इसके करीब ढ़ाई वर्ष बाद उसे गर्भ ठहर गया़ 24 सितंबर 2018 को अल्ट्रासाउंड करवाने पर इसकी पुष्टि हुई थी. इसके बाद नवंबर 2018 में उक्त महिला ने स्वास्थ्य विभाग से इसकी शिकायत की थी और क्षतिपूर्ति के लिए विभाग से दावा किया था़ जिला स्वास्थ्य समिति ने जांच के उपरांत उनकी शिकायतों को सही पाते हुए क्षतिपूर्ति भुगतान के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति से अनुशंसा की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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