मोहिउद्दीननगर/मोहनपुर : प्रखंड क्षेत्र के पशुपालक इन दिनों पशुओं के खुरों का संक्रामक रोग फूटरॉट से परेशान हो रहे है़ जलालपुर, जौनापुर, शाहपुर बरॉट,डुमरी, मदुदाबाद, अन्दौर, बिनगामा गांव के दर्जन भर से ज्यादा पशुपालक पशुओं के खुरों के बीच घाव पड़ जाने व लंगड़ापन की स्थिति आ जाने से अपने आप को लाचार समझने लगे हैं.
फूटरॉट से आक्रांत हो रहे पशु, किसानों में बढ़ी चिंता
मोहिउद्दीननगर/मोहनपुर : प्रखंड क्षेत्र के पशुपालक इन दिनों पशुओं के खुरों का संक्रामक रोग फूटरॉट से परेशान हो रहे है़ जलालपुर, जौनापुर, शाहपुर बरॉट,डुमरी, मदुदाबाद, अन्दौर, बिनगामा गांव के दर्जन भर से ज्यादा पशुपालक पशुओं के खुरों के बीच घाव पड़ जाने व लंगड़ापन की स्थिति आ जाने से अपने आप को लाचार समझने लगे […]

पशुपालक रामकिशोर राय, शंकर राय, प्रमोद राय, जवाहर राय, दिनेश राय, कमलेश सिंह, नंदू राय आदि का बताना है कि इस बीमारी की चपेट में आने से पशुओं में बुखार, चारा कम खाना, शरीर के वजन में कमी व दुग्धस्त्रवन की कमी जैसे लक्षण दिखाई पड़ने लगे हैं. प्राकृतिक जड़ी बुटियों से इस बीमारी का भरसक इलाज किया जा रहा है, परंतु पशुओं को होने वाला लाभ दिख नहीं रहा है़.
पशुचिकित्सकों की बात माने तो यह रोग मूलत: भेड़ व बकरियों का रोग है परंतु गाय और भैंस भी इन दिनों इस बीमारी की चपेट में तेजी से आने है़. प्रखंड पशु चिकित्सक डा रामलोचन कुमार व डा़ प्रवीण कुमार पांडेय का बताना है कि यह बीमारी उन पशुओं में अधिक होता है़ जिनके खुर में पानी, गोबर व मूत्र की निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं होती है़.
पशुपालक पशुओं में फुटरॉट बीमारी से ग्रसित होने पर खूरों को हल्के रूप से धोकर पीबीपेंट या पांच प्रतिशत कॉपर सल्फेट धोल का फुट बाथ करायें. पशुओं को एंटीबायोटिक दवा के रूप में टेट्रासाइक्लिन, पेनिसीलिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल करे़ पशुओं को सूखी जगह पर रखे़ वैसे इस बीमारी की दवा पशु अस्पताल में मौजूद है.