पताही/सिकरहना : नेपाल के पहाड़ी में हो रही बारिश का असर पूर्वी चंपारण में देखने को मिल रहा है. नेपाल से निकलनेवाली बागमती व लालबकेया के जलस्तर में मंगलवार की शाम अचानक वृद्धि होने से ढाका से बेलवाघाट होकर शिवहर को जोड़नेवाले पथ पर बागमती का पानी चढ़ गया है. इसके कारण आवागमन बंद हो […]
पताही/सिकरहना : नेपाल के पहाड़ी में हो रही बारिश का असर पूर्वी चंपारण में देखने को मिल रहा है. नेपाल से निकलनेवाली बागमती व लालबकेया के जलस्तर में मंगलवार की शाम अचानक वृद्धि होने से ढाका से बेलवाघाट होकर शिवहर को जोड़नेवाले पथ पर बागमती का पानी चढ़ गया है. इसके कारण आवागमन बंद हो गया है. जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. इसी तरह लालबकेया नदी के फुलवरिया घाट पर नदी के तेज धार होने के कारण नाव का परिचालन बंद कर दिया गया है.
ऐसे में लोग लालबकेया नदी के गुआवारी घाट रेलवे पुल होकर जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल में जब भी बारिश होती है तो दोनों नदियों में बाढ़ आ जाती है. लालबकेया देवापुर के पास बागमती की मुख्यधारा में मिलती है, जिसके कारण बेलवा घाट पथ पर पानी चढ़ गया है. देवापुर और बेलवा के बीच पुल नहीं बनने के कारण नदी में बांध नहीं है और उसी टूटान (गैप) से नदी का पानी देवापुर,
ढाका-शिवहर पथ
बेलवा, अलसेरपुर, जिहुली आदि गांवों तक फैल जाता है. नदी में पानी बढ़ने का जो रफ्तार है वह यूं ही रहा तो बुधवार सुबह तक कई गांवों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. बाढ़ का पानी बढ़ने से केला, परवल, नेनूआ, करैला आदि की खेती बर्बाद हुई है. असमय आयी पानी के कारण फसल बर्बाद देख किसान माथा पीट रहे हैं. पताही सीओ बिनय कुमार ने बताया कि नदी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है. देवापुर घाट पर चौकीदार को तैनात कर दिया गया है. नदी में नाव के परिचालन पर रोक लगा दिया गया है.