घरों से निकले कूड़े-कचरे बनेंगे खेतों की संजीवनी

कचरा निबटाने की योजना पर जोर... गंदगी डंप करने के बाद बदबू नहीं समस्तीपुर : शहर में घरों से निकलने वाले कूड़े बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं. कूड़ा को नष्ट करने की व्यवस्था नहीं होने से सड़कों के किनारे इसे डंप किया जा रहा है. हालांकि,आने वाले दिनों में यह समस्या नहीं रहेगी. घरों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 26, 2017 6:03 AM

कचरा निबटाने की योजना पर जोर

गंदगी डंप करने के बाद बदबू नहीं
समस्तीपुर : शहर में घरों से निकलने वाले कूड़े बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं. कूड़ा को नष्ट करने की व्यवस्था नहीं होने से सड़कों के किनारे इसे डंप किया जा रहा है. हालांकि,आने वाले दिनों में यह समस्या नहीं रहेगी. घरों से निकले कूड़े खेतों के लिए संजीवनी का काम करेंगे. कचरे के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाया जा रहा है. गीला व सूखा कचरा से वर्मी कंपोस्ट बनाया जायेगा. इसके लिए सारी में नगर परिषद की दस कट्ठा से ज्यादा जमीन को चिन्हित करने में जुटी है.
उसी में कचरे को डंप किया जायेगा. इसमें खास बात यह है कि, कचरे को डंप करने के तत्काल बाद उसे मशीन द्वारा वर्मी कंपोस्ट में तब्दील कर दिया जायेगा. इससे गंदगी वहां जमा नहीं हो पाएगी. ऐसे में कचरा डंप होने के बाद भी उक्त स्थान से बदबू नहीं उठेगा. इसके लिए भी खालिसपुर स्थित वर्मी कम्पोस्ट बनाने वाले सं संपर्क साधा जा रहा है. वही मेंटल कचरा कबाड़ी को दी जाएगी.
मुजफ्फरपुर की कंपनियों को दी
जा सकती है जिम्मेदारी : नगर आवास विकास विभाग के निर्देश पर मुजफ्फरपुर के एक निजी कंपनी ने वहां के क्षेत्र से निकलने वाले दोनों तरह के कचरे से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का कार्य कर रहा है. नप सूत्रों की मानें तो उसी कंपनी को स्थानीय नप ने ट्रायल के लिए बुलाने की तैयारी भी कर रहा है. इसके पहले चरण में जमीन को खोज कर निकाला जायेगा. इसका सबसे बड़ा लाभ शहर के लोगों को मिलेगा. शहर के वातावरण में कचरे की बदबू नहीं होगी. 60 टन निकलने वाले कचरे से लगभग पांच टन खाद की तैयारी होगी. इसे बाजार में बेचा जायेगा. वर्मी कंपोस्ट खाद से खेती में भी फायदा होगा. बिना केमिकल वाले खाद से उपजे सब्जी व फल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होंगे.
ऐसे बनेगी कूड़े से खाद
शहर के सभी स्थानों से निकलने वाले कचरे को पहले छंटनी कर अलग किया जायेगा. इसमें सूखा कचरा अलग होगा. गीले व सर्जिकल कचरे को अलग किया जायेगा. उसमें से प्लास्टिक को निकालने के बाद खाद बनायी जायेगी. कचरे में शामिल प्लास्टिक के री-साइकिल पर भी विचार किया जा रहा है. पहले चरण में खाद बनायी जायेगी. कचरे के मशीन में जाने के बाद उसकी बदबू समाप्त हो जायेगी. नगर परिषद ने कचरे को घर से ही अलग कराने की योजना तैयार की है. नीला व हरा दो तरह का डस्टबीन शहर के लोगों को दिये जायेंगे. नीले में सूखा व हरे में गीला कचरा घर के लोग डालेंगे. उसे नप के सफाई मजदूर प्रतिदिन सीटी बजा कर घर से उठा ले जायेंगे.
60 टन कचरे को निबटाने की बड़ी जिम्मेदारी
शहर की लगातार बढ़ रही आबादी से प्रतिदिन लगभग साठ टन कचरा निकलता है. उसका उठाव के बाद नप सफाई कर्मियों को उसका निबटारा करने की बड़ी जिम्मेवारी उनके कंधों पर होती है. लेकिन, वह कचरा डंपिंग यार्ड नहीं होने से जहां-तहां कचरे का निबटारा कर देते है. वे मालगोदाम रोड को कचरे के निबटारा के लिए स्थल का चयन किये. लेकिन, हर बार कोई न कोई समस्या खड़ी होती रही. इस वजह से उसका स्थायी निदान करने के लिए नप प्रशासन प्रक्रिया में जुटी है.
नगर परिषद ने पहली बार कचरा प्रबंधन की योजना तैयार की है. योजना में सबसे बड़ी बात है कि, कचरे से दुर्गंध नहीं उठेगा. खाद की बिक्री भी होगी. शहर से सूखा व गीला कचरा घर से ही अलग कर मंगाया जायेगा.
देवेंद्र सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद,समस्तीपुर