Bihar/Samastipur News:मौसम का कहर: कोहरे की सफेद चादर बनी दो भाइयों का कफन, एक ही झटके में उजड़ गए दो आंगन
समस्तीपुर. शुक्रवार की रात जब गंगापुर गांव के घरों में चूल्हे शांत हो चुके थे और लोग कड़ाके की ठंड में अपनों के लौटने का इंतज़ार कर रहे थे, तब मुसरीघरारी-पटोरी सड़क पर मौत तांडव कर रही थी.
मार्मिक कहानी: कोहरे का वो ”अंधेरा” जो दो जिंदगियां लील गया Bihar/Samastipur News:समस्तीपुर. शुक्रवार की रात जब गंगापुर गांव के घरों में चूल्हे शांत हो चुके थे और लोग कड़ाके की ठंड में अपनों के लौटने का इंतज़ार कर रहे थे, तब मुसरीघरारी-पटोरी सड़क पर मौत तांडव कर रही थी. संजीव (40) और अजय (28), जो रिश्ते में चचेरे भाई थे, बाइक पर सवार होकर अपने गांव की ओर बढ़ रहे थे. उन्हें नहीं पता था कि घने कोहरे के पीछे काल खड़ा है. धुंध में गुम हुई चीखें सड़क पर कुहासा इतना घना था कि चंद हाथ की दूरी भी नजर नहीं आ रही थी. मदरसा के पास एक जोरदार धमाका हुआ और चीखें हवा में विलीन हो गईं. किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि संजीव की मौके पर ही रूह फना हो गई. अजय सड़क पर पड़ा तड़पता रहा, उसकी आंखों में शायद घर पहुंचने की आखिरी उम्मीद बाकी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी धड़कनें भी खामोश हो गईं. शवों के साथ घर लौटीं यादें जब यह खबर गांव पहुंची, तो कोहरा मानों आंसुओं में बदल गया. संजीव और अजय के घर के बाहर अब चीख-पुकार और अपनों का करुण क्रंदन है. परिजनों की पथराई आंखें बार-बार उस सड़क को कोस रही हैं, जिसने उनसे उनके दो मजबूत कंधे छीन लिए. चचेरे भाइयों का एक साथ जाना पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल गया है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन उन परिवारों के लिए इंसाफ अब भी उस ”अज्ञात” वाहन की तरह धुंध में कहीं खोया हुआ है.
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