सहरसा व्यवहार न्यायालय के गेट नंबर तीन पर घुटने भर पानी, कीचड़ में फिसल रहे अधिवक्ता, समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन

सहरसा व्यवहार न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलजमाव और कीचड़ की गंभीर समस्या ने अधिवक्ताओं और आम लोगों के लिए आवागमन मुश्किल बना दिया है. बारिश के बाद घुटने भर पानी भरने से लोग कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं. समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

सहरसा व्यवहार न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार गेट नंबर तीन पर इन दिनों जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलजमाव और कीचड़ की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. बारिश के बाद मुख्य द्वार के रास्ते पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है. पानी के साथ कीचड़ फैलने से न्यायालय आने-जाने वाले अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

स्थिति इतनी खराब है कि कई अधिवक्ता कीचड़युक्त रास्ते पर फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं. अधिवक्ताओं ने जल्द सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

बारिश होते ही रास्ता बन जाता है तालाब

अधिवक्ताओं का कहना है कि मुख्य प्रवेश द्वार पर जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. बारिश होते ही पूरा रास्ता पानी और कीचड़ से भर जाता है. इससे न्यायालय पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है.

अधिवक्ता नितिश, अखलेश कुमार वर्मा, जिला संयोजक भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने कहा कि मुख्य द्वार की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है. बारिश के दिनों में जलजमाव के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समय रहते सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि किसी गंभीर हादसे को टाला जा सके.

महिला अधिवक्ताओं की परेशानी और बढ़ी

महिला अधिवक्ता बबीता कुमारी ने कहा कि कीचड़युक्त रास्ते से महिला अधिवक्ताओं को विशेष परेशानी होती है. पानी और कीचड़ के कारण कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं. वहीं फिसलकर गिरने से पैर में गंभीर चोट लगने का खतरा भी बना रहता है.

उन्होंने न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर तत्काल सड़क निर्माण कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की.

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

अधिवक्ता योगानंद यादव ने कहा कि यदि समय रहते प्रवेश द्वार की सड़क और जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार की ऐसी स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है.

अधिवक्ता वेदानंद पासवान ने भी कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर अधिवक्ता सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

आम लोगों को भी हो रही परेशानी

अधिवक्ता सुरेश यादव ने कहा कि मुख्य प्रवेश द्वार पर सड़क निर्माण के साथ पानी निकासी की समुचित व्यवस्था बेहद जरूरी है. जलजमाव के कारण सिर्फ अधिवक्ताओं को ही नहीं, बल्कि न्यायालय में आने वाले आम लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

अधिवक्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से अविलंब कार्रवाई कर सड़क और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर होने से पहले समस्या का समाधान जरूरी है.

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By Vinay Kumar Mishra

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