ग्रामीण युवाओं को बाजारोन्मुखी कौशल प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराना है उद्देश्य

ग्रामीण युवाओं को बाजारोन्मुखी कौशल प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराना है उद्देश्य

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना कार्यशाला में रोजगार रणनीति पर हुआ मंथन सहरसा. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत शुक्रवार को कौशल विकास व प्रशिक्षण विषय पर एक दिवसीय वार्षिक कार्यशाला का आयोजन कौशिकी जीविका शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र सुलिंदाबाद में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यशाला का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार, प्रबंधक स्वास्थ्य व पोषण सुनील कुमार, प्रशिक्षण अधिकारी अनुप्रिया पंजीयर व बीपीएम सोनवर्षा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन, रोजगारपरक व स्वरोजगार प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार व प्लेसमेंट की संभावनाओं को सुदृढ़ करना था. इस मौके पर प्रबंधक रोजगार राकेश रंजन ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के विभिन्न प्रावधानों, प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्लेसमेंट रणनीतियों व लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण युवाओं को बाजारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है. कार्यशाला में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, युवाओं की पहचान व परामर्श, प्रशिक्षण के दौरान गुणवत्ता सुनिश्चित करने व प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गयी. रोजगार मेला व रोजगार शिविर के माध्यम से युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने पर चर्चा किया गया. ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन कराकर स्वरोजगार को कराने की रणनीति बनाई गयी. प्रतिभागियों के रूप में जिले के सभी थीमेटिक मैनेजर, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, लेखपाल, क्षेत्रीय समन्वयक व सामुदायिक समन्वयक मौजूद थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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