बच्चों में सीख, संस्कार व सामूहिकता की भावना हुई विकसित

बच्चों में सीख, संस्कार व सामूहिकता की भावना हुई विकसित

बाल उमंग पखवाड़ा के तहत किलकारी में बच्चों के बीच हुआ पिकनिक का आयोजन सहरसा . किलकारी बिहार बाल भवन में बाल उमंग पखवाड़ा के तहत 30 नवंबर तक विशेष आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान मैजिक शो, पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवन यात्रा पर कहानी वाचन, नृत्य-नाटिका, दादी की चौपाल, चित्रकला प्रतियोगिता, पिकनिक, चेस प्रतियोगिता व अलबेला ड्रेस प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रमों का निशुल्क आयोजन किया जा रहा है. इस क्रम में बुधवार को किलकारी परिसर में पिकनिक का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खुला वातावरण प्रदान करना रहा. उनके सामाजिक कौशल का विकास करना, अभिभावकों की भागीदारी से बच्चे अभिभावक संबंधों को और मजबूत बनाना व परंपराओं से जोड़ते हुए सीख-आधारित मनोरंजक अनुभव उपलब्ध कराना रहा. इस पिकनिक की सबसे खास बात यह रही कि बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर पिकनिक की सारी गतिविधियों में भाग लिया. जिससे बच्चों में सहयोग, आत्मविश्वास व पारिवारिक समन्वय की भावना और अधिक विकसित हुई. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गतिविधि स्वयं द्वारा तैयार की गयी लिट्टी-चोखा रहा. प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने मिट्टी के चूल्हे पर लिट्टी सेंकी व चोखा तैयार किया. इस गतिविधि ने बच्चों को पारंपरिक भोजन शैली से परिचित कराया. साथ ही उनमें टीमवर्क, कौशल विकास व आत्मनिर्भरता जैसे मूल्यों को भी मजबूती प्रदान की. बच्चों एवं अभिभावकों ने मिलकर गतिविधियों व अनेक मनोरंजक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उमंग व आनंद का वातावरण बना रहा. इस मौके पर प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक प्रणव भारती ने कहा कि बाल उमंग पखवाड़ा का मूल उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण प्रदान करना है जहां वे सीख एवं मनोरंजन को साथ लेकर आगे बढ़ें. पिकनिक जैसे कार्यक्रम बच्चों में टीमवर्क, अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान व आत्मनिर्भरता को विकसित करता है. बच्चों द्वारा परंपरागत लिट्टी चोखा बनाना ना केवल एक रोचक गतिविधि रहा. बल्कि इससे उन्हें हमारी सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ने का अवसर मिला. इस आयोजन की विशेषता यह रही कि बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की. जिससे बच्चे, अभिभावक के संबंध और भी मजबूत हुए एवं बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा. हमें खुशी है कि बच्चे पूरी ऊर्जा, उत्साह एवं सकारात्मकता के साथ इन कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं. किलकारी का प्रयास हमेशा से रहा है कि बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए वातावरण तैयार किया जाय एवं आने वाले दिनों में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किये जाते रहेंगे. इसके अतिरिक्त कार्यालय एवं विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षक प्रशिक्षिकाओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिनमें सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी मधु कुमारी, सहायक लेखा पदाधिकारी विश्व विजय झा, नामांकन प्रभारी मौसमी कुमारी, हस्तकला प्रशिक्षक विकास भारती, तबला प्रशिक्षक निभाष कुमार, नृत्य प्रशिक्षिका आर्ची कुमारी, कंप्यूटर प्रशिक्षिका शिखा कुमारी, चित्रकला प्रशिक्षिका अन्नू कुमारी, कराटे प्रशिक्षक राम कुमार, बाल सहयोगी आयुष राज सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे.

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By Dipankar Shriwastaw

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