सहरसा. शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में एक दिवसीय शिक्षक सत्याग्रह सह धरना आयोजित किया. जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित धरना में संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सत्याग्रह के दौरान शिक्षकों ने 25 सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. प्रमुख मांगों में नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत पूर्ण वेतनमान देने, शिक्षकों की अलग-अलग श्रेणियां समाप्त कर समान वेतन संरचना लागू करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, समय पर वेतन भुगतान, लंबित एरियर एवं अन्य बकाया राशि का भुगतान, सेवा अवधि के आधार पर प्रोन्नति, वेतन संरक्षण, अवकाश एवं चिकित्सा सुविधाओं का लाभ देने की मांग शामिल है.
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग
शिक्षकों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, पारस्परिक एवं ऐच्छिक स्थानांतरण, अनुकंपा नियुक्ति, आकस्मिक निधन पर आश्रितों को आर्थिक सहायता, ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती पर रोक, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति तथा शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी पर रोक की भी मांग की सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक विभाग की मनमानी से त्रस्त हैं. इससे शिक्षक आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक परेशानी झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर वर्ष शिक्षक दिवस पर सम्मान की बातें होती है. लेकिन शिक्षकों को समय पर वेतन एवं नियमावली के अनुरूप प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है. जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षक दोनों समस्याग्रस्त हैं. सरकार एवं विभाग समस्याओं का समुचित निदान करने में विफल है.
धरना का संचालन प्रमंडलीय अध्यक्ष ने किया
धरना का संचालन प्रमंडलीय अध्यक्ष संजय कुमार ने किया धरना में जिला सचिव अमीन अकबर, कोषाध्यक्ष सूर्यनारायण कुमार, कहरा प्रखंड अध्यक्ष राजीव कुमार रंजन, महिषी प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण कुमार, सोनवर्षा प्रखंड अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, पतरघट प्रखंड अध्यक्ष नूतन सिंह, बनमा इटहरी प्रखंड अध्यक्ष दिग्विजय कुमार, सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अध्यक्ष मो. उमर फारुख, अजय प्रेम, सुधीर भगत, अब्दुल बाकी रहमानी, पांडव नारायण पंडित, बंधन पासवान, सुमन सिंह, सुरेंद्र कुमार राय, चंदन पासवान, ओमप्रकाश, संजय कुमार, जसीम, सकलदेव, विनोद कुमार, अरविंद कुमार आरोही, नीलम कुमारी, कंचु कुमारी, लता माधव, गीता कुमारी, प्रियरंजन कुमार, मनीष कुमार, नवदीप कुमार, गौरव आंबेडकर, अमित आनंद, मदन कुमार यादव, कैलाश मंडल, कृत्यानंद पंडित, बुधन तांती, साकेत सौरभ सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे.
