सहरसा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं जिलाधिकारी दीपेश कुमार के निर्देश के आलोक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 106, 107 एवं 327ई पर सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े वाहनों एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गयी. जांच के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से पार्क किए गये 15 ट्रकों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया. वाहन चालकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने ट्रकों एवं अन्य भारी वाहनों की पार्किंग केवल स्वीकृत ले-बाई, वे-साइड एमेनिटीज, पेट्रोल पंप, धर्मकांटा या अन्य निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही करें.
सड़क किनारे अवैध पार्किंग से बढ़ती है दुर्घटनाओं की संभावना
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में इस तरह के वाहनों के विरुद्ध नियमित रूप से कार्रवाई जारी रहेगी एवं आवश्यकता पड़ने पर लंबे समय से सड़क किनारे खड़े वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना में जमा कराया जाएगा. अभियान के दौरान बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ऑटो रिक्शा एवं अन्य वाहन चलाते पाए गये चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी. इस क्रम में 10 ऑटो रिक्शा चालकों पर बिना वैध अनुज्ञप्ति वाहन संचालन करने के कारण प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. इसके अलावा हेलमेट, सीट बेल्ट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, वाहन बीमा, निबंधन प्रमाण-पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गयी. नियमों का उल्लंघन करने वाले मोटरसाइकिल एवं चारपहिया वाहन चालकों के विरुद्ध भी नियमानुसार अर्थदंड लगाया गया.
जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत बरनवाल ने ट्रक एवं भारी वाहन चालकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वाहन खड़ा नहीं करें. इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि वाहन केवल अधिकृत पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें. इस विशेष अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत बरनवाल, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी जीशान अहमद, मोटरयान निरीक्षक, सभी प्रवर्तन अवर निरीक्षक सक्रिय रूप से शामिल रहे. जिला परिवहन कार्यालय ने बताया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे.