सहरसा के गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित हुआ विशेष व्यक्तित्व परिष्कार सत्र

सहरसा के गायत्री शक्तिपीठ में व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ट्रस्टी डॉ. अरुण जायसवाल ने छात्रों को सुबह जागने के लाभ बताए और पढ़ाई को जीवन का सौंदर्य बताते हुए उसमें रुचि जगाने की अपील की.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: नगर के गायत्री शक्तिपीठ परिसर में रविवार को छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष ‘व्यक्तित्व परिष्कार सत्र’ का आयोजन किया गया. इस सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए शक्तिपीठ के ट्रस्टी डॉ. अरुण कुमार जायसवाल ने विद्यार्थियों को सफलता और पढ़ाई के गूढ़ तत्व समझाए. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि यह तो जीवन का असली सौंदर्य है.

प्रातःकाल है स्वर्णिम काल, सुबह उठने से बढ़ती है मेधा

डॉ. अरुण कुमार जायसवाल ने विद्यार्थियों को सुबह जल्दी जागने के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक लाभ बताते हुए कहा:

  • मानसिक विकास: प्रातःकाल का समय ‘स्वर्णिम काल’ होता है. इस शांत वातावरण में जगने से मनुष्य की स्मृति (याददाश्त), धृति (धैर्य), मेधा (बुद्धि) और प्रज्ञा (विवेक) का प्राकृतिक रूप से जागरण होता है.
  • बढ़ती है याददाश्त: सुबह के समय पढ़ाई करने से अंतःस्फुरणा (आत्मिक प्रेरणा) होती है, जिससे याद करने और किसी भी विषय को लंबे समय तक दिमाग में धारण करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है.
  • प्राण ऊर्जा का प्रवाह: सुबह के समय वायुमंडल में प्राण ऊर्जा (ऑक्सीजन और सकारात्मक ऊर्जा) का प्रवाह सबसे अधिक होता है, जो हमारे स्वास्थ्य और विवेक को जाग्रत करता है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थी जब तक पढ़ाई में अपनी वास्तविक अभिरुचि (इंटरेस्ट) की तलाश नहीं करेंगे, तब तक उनका मन पढ़ाई में पूरी तरह नहीं लग पाएगा. इसलिए पढ़ाई को अपनी दिनचर्या का सबसे आनंदमयी हिस्सा बनाएं.

सिलीगुड़ी से आए प्रवीर कृष्ण ने शक्तिपीठ के प्रयासों को सराहा

इस विशेष सत्र में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से पहुंचे प्रवीर कृष्ण सिन्हा ने भी उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को संबोधित किया. उन्होंने गायत्री शक्तिपीठ, सहरसा की सराहना करते हुए कहा कि यहां बच्चों के नैतिक और मानसिक विकास के लिए की गई व्यवस्था बेहद उच्च स्तरीय है. डॉ. अरुण जी द्वारा निरंतर संचालित यह व्यक्तित्व परिष्कार कार्यक्रम नई पीढ़ी को सही दिशा देने में मील का पत्थर साबित हो रहा है. इस अवसर पर सहरसा शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, प्रबुद्ध नागरिक और गायत्री शक्तिपीठ से जुड़े सभी सम्मानित परिजन व स्वयंसेवक मौजूद थे.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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