LPG Gas: सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: जिले में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है. जिलाधिकारी (डीएम) दीपेश कुमार ने इंडेन, एचपी गैस एवं भारत गैस एजेंसियों के कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की. इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने सभी गैस एजेंसियों को लंबित बुकिंग को युद्धस्तर पर निपटाने और वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का कड़ा निर्देश दिया है.
जिले में गैस उपलब्धता और पेंडिंग बुकिंग का पूरा गणित
जिला प्रशासन द्वारा जारी समेकित रिपोर्ट के अनुसार, 16 मई तक जिले में कुल 19,472 एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग लंबित (लगातार पेंडिंग) पाई गई है. कंपनियों के अनुसार बैकलॉग की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| गैस कंपनी का नाम | लंबित (पेंडिंग) बुकिंग | गोदामों में उपलब्ध स्टॉक (भरे सिलेंडर) |
| इंडेन (Indane) | 10,101 सिलेंडर | 5,470 सिलेंडर |
| एचपी गैस (HP Gas) | 6,382 सिलेंडर | 6,124 सिलेंडर |
| भारत गैस (Bharat Gas) | 2,989 सिलेंडर | 2,815 सिलेंडर |
| कुल योग | 19,472 सिलेंडर | 14,409 सिलेंडर |
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, समीक्षा के दिन जिले में कुल 4,288 नई बुकिंग दर्ज की गई थी, जिसके मुकाबले बैकलॉग को कम करने के लिए तेजी से 4,721 सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई.
ग्रामीण इलाकों में 8 दिनों का इंतजार, वितरकों को चेतावनी
समीक्षा में यह बात सामने आई कि शहरी क्षेत्रों में औसतन दो से चार दिनों के भीतर गैस की डिलीवरी की जा रही है. हालांकि, जिले के कुछ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि छह से आठ दिन तक पहुंच रही है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जिला प्रशासन ने ऐसे ढुलमुल रवैये वाले वितरकों को चिन्हित कर विशेष रूप से अपनी वितरण व्यवस्था में सुधार करने की चेतावनी दी है. प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी उपभोक्ता को रसोई गैस की किल्लत न हो, इसके लिए सभी एजेंसियों की लॉगबुक की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
सिलेंडर के झंझट से मिलेगी मुक्ति, अपनाएं पाइपलाइन (PNG) गैस
इस बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सहरसा नगर निगम क्षेत्र के निवासियों से पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर को छोड़कर पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) अपनाने की विशेष अपील की. प्रशासन ने पीएनजी के फायदे गिनाते हुए कहा:
- 24 घंटे आपूर्ति: इस व्यवस्था से सिलेंडर बुक करने, बार-बार डिलीवरी का इंतजार करने और ऐन वक्त पर गैस खत्म होने की समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी.
- आर्थिक बचत और सुरक्षा: पीएनजी एलपीजी सिलेंडर की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और सस्ती है. इसमें बिजली के मीटर की तरह ही मीटर आधारित भुगतान व्यवस्था होती है. उपभोक्ता जितनी गैस खर्च करेंगे, उन्हें सिर्फ उतने का ही बिल देना होगा.
- स्पेस की बचत: रसोई घर में भारी-भरकम सिलेंडर रखने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी.
“सहरसा को स्मार्ट, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में ‘सिटी गैस पाइपलाइन नेटवर्क’ एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है. शहरी उपभोक्ताओं को इस आधुनिक, सुरक्षित और बेहद किफायती सुविधा का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए और अपने घरों में पाइपलाइन गैस का कनेक्शन जल्द से जल्द लगवाना चाहिए.” – दीपेश कुमार, जिलाधिकारी, सहरसा.
