डीएवी स्कूल में समर कैंप का समापन: जूडो-कराटे और शास्त्रीय नृत्य में बच्चों ने दिखाया दम

सहरसा के हटिया गाछी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय समर कैंप का रविवार को समापन हो गया. इसमें 400 से अधिक बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से जूडो-कराटे, शास्त्रीय नृत्य और खेलकूद के गुर सीखे.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपाेर्ट: नगर के हटिया गाछी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल प्रांगण में छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर आयोजित दो दिवसीय समर कैंप का रविवार को रंगारंग समापन हो गया. इस विशेष कैंप में स्कूल के कक्षा चार से सातवीं तक के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया. दो दिनों तक चले इस शिविर में बच्चों को खेलकूद के साथ-साथ कई रचनात्मक कलाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

खेल, संगीत और हस्तकला का हुआ शानदार आयोजन

समर कैंप के दौरान बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न विधाओं का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • आत्मरक्षा: जूडो-कराटे और सेल्फ डिफेंस की बारीकियां.
  • सांस्कृतिक कला: शास्त्रीय नृत्य कला (क्लासिकल डांस) और संगीत कला.
  • रचनात्मकता: हस्तकला (हैंडीक्राफ्ट) एवं शिल्पकला (क्रॉफ्ट्स).
  • खेलकूद: टीम भावना विकसित करने के लिए खो-खो एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं.

अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों ने दिया प्रशिक्षण

शिविर में बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेषज्ञ ट्रेनर्स को आमंत्रित किया गया था. जूडो-कराटे के विख्यात अंतरराष्ट्रीय ब्लैक बेल्टर व राष्ट्रीय मेडलिस्ट सेंसेई राही, कौस्तुबा, अखिलेश झा एवं चिंटू चंदन ने बच्चों को आत्मरक्षा के आधुनिक गुर सिखाए. प्रशिक्षकों ने बच्चों को बताया कि विपरीत परिस्थितियों में वे किस प्रकार बिना डरे अपना बचाव कर सकते हैं.

पढ़ाई के साथ एक कला का होना जरूरी: प्राचार्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा:

“जिनके अंदर कोई न कोई कला होती है, वे समाज में हमेशा अमर हो जाते हैं. इसलिए वर्तमान समय में हम सभी को पढ़ाई के साथ-साथ अपने भीतर किसी एक कला या कौशल (स्किल) को समेटकर आगे बढ़ना चाहिए.”

प्राचार्य ने आए हुए सभी मुख्य प्रशिक्षकों के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने आगे कहा कि समर कैंप बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने, आनंद लेने और स्वयं को बेहतर इंसान बनाने का एक सुनहरा अवसर है. यह बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ उन्हें जीवन के विभिन्न व्यावहारिक कौशल सीखने में भी मदद करता है. हर बच्चे में कोई न कोई अनूठी प्रतिभा छिपी होती है, जिसे निखारने का मंच स्कूल ऐसे कैंपों के माध्यम से देता है.

इस विदाई सह समापन समारोह के खास मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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