सिपाही की इलाज के दौरान मौत, पैतृक गांव घोड़दौर में पसरा मातम

सिपाही की इलाज के दौरान मौत, पैतृक गांव घोड़दौर में पसरा मातम

किडनी और डायबिटीज की बीमारी से थे ग्रसित, अनुमंडलीय अस्पताल में तोड़ा दम सिमरी बख्तियारपुर. अनुमंडल क्षेत्र के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के घोड़दौर गांव वार्ड संख्या 03 निवासी और सिवान में पदस्थापित सिपाही लाल पासवान का बुधवार की शाम इलाज के दौरान निधन हो गया. वे अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती थे. सिपाही की मौत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गयी और परिजनों में कोहराम मच गया. लंबे समय से चल रहा था इलाज परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल पासवान पिछले काफी समय से डायबिटीज और किडनी की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे. उनका इलाज सहरसा और पटना के कई निजी व सरकारी अस्पतालों में कराया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था. बुधवार को अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अफसोस कि उन्हें बचाया नहीं जा सका. सिर से उठा पिता का साया, 17 वर्षीय पुत्र पर आई जिम्मेदारी मृतक सिपाही अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं, जो अब बेसहारा महसूस कर रहा है. लाल पासवान की सात पुत्रियां और एक पुत्र है. पांच पुत्रियों की शादी हो चुकी है. पिता के असामयिक निधन से अब घर की पूरी जिम्मेदारी इस किशोर के कंधों पर आ गयी है. इधर बुधवार रात सिपाही का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, वहां चीख-पुकार मच गयी. पत्नी और बच्चों का रो – रो कर बुरा हाल है. आसपास के लोग और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि लाल पासवान एक मिलनसार व्यक्ति थे और उनके निधन से पूरे क्षेत्र ने एक नेक इंसान खो दिया है.

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Author: DEEPAK KUMAR

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