17 जून तक झुग्गियां खाली करने का है नोटिस, करीब 100 परिवारों के सामने आवास का संकट
सहरसा. सदर अस्पताल के पीछे सड़क किनारे बसे सफाई मजदूरों ने शनिवार को भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाग्र कुमार गब्बर के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने से पूर्व वैकल्पिक स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की मांग की. सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मेहत्तर समुदाय से जुड़े ये लोग नगर निगम सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में सफाई कार्य कर अपनी आजीविका चलाते हैं. लगभग एक सौ परिवार पिछले डेढ़ दशक से सदर अस्पताल के उत्तर दिशा स्थित सड़क किनारे फूस की झोपड़ियों में अपने परिवार एवं छोटे-छोटे बच्चों के साथ रह रहे हैं.ज्ञापन के अनुसार, नगर निगम द्वारा 10 जून को नोटिस जारी कर 17 जून से पूर्व झुग्गी-झोपड़ियां खाली करने का निर्देश दिया गया है. इसको लेकर परिवारों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाग्र कुमार गब्बर ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए झुग्गियों को हटाया गया तो करीब दो सौ लोग अपने परिवार और बच्चों सहित बेघर होकर सड़क पर आ जाएंगे. उन्होंने बताया कि अधिकांश परिवारों के पास रहने योग्य एक इंच भी निजी भूमि नहीं है, जिससे उनके सामने गंभीर आवासीय संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने से पहले इन परिवारों के लिए स्थायी वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करायी जाए, ताकि वे अपने बच्चों के साथ वहां झोपड़ी बनाकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें. उन्होंने कहा कि ये सभी सफाईकर्मी नियमित रूप से नगर एवं अन्य विभागों की साफ-सफाई कर स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर सहरसा के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. मौके पर ईशा देवी, सीता देवी, नेहा देवी, खुशबू कुमारी सहित बड़ी संख्या में सफाई मजदूर एवं उनके परिजन मौजूद थे.
