पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सलखुआ. प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास को लेकर एक दिवसीय गैर-आवासीय पंचायत विकास योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पंचायती राज विभाग एवं बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान पटना द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में पंचायतों के समग्र विकास, योजनाओं के वैज्ञानिक निर्माण एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत विकास योजना की रूपरेखा तैयार करने के साथ 16वीं वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप प्राप्त राशि के पारदर्शी एवं परिणाममुखी उपयोग पर रहा. विशेषज्ञों ने बताया कि योजनाओं का चयन स्थानीय जरूरतों के आधार पर हो एवं उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार एवं बीपीआरओ कैलाश पासवान की उपस्थिति ने प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाया.अधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करें, तो ग्रामीण विकास को नयी गति मिल सकती है. प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिनिधियों को ग्राम स्तर पर विकास योजनाओं की तैयारी, बजट प्रबंधन, सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. साथ ही 16वीं वित्त आयोग के तहत मिलने वाली राशि के सही उपयोग को लेकर विशेष मार्गदर्शन दिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे. इससे ना केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार आयेगा, बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी नयी दिशा मिलेगी. कार्यक्रम में मुखिया अनिल महंथ, संजू निषाद, आरती देवी, उमेश साह समेत सभी पंचायतों के मुखिया व उपमुखिया की सक्रिय भागीदारी रही. अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते इसे नियमित अंतराल पर आयोजित करने की मांग की, जिससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में और अधिक गति व गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके.
