अपहरण के मामले में छह वर्ष का कारावास व 50 हजार का जुर्माना

व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो राकेश कुमार की अदालत के द्वारा बिहरा थाना क्षेत्र के बिहरा निवासी दोष सिद्ध अभियुक्त छोटू ठाकुर उर्फ वेद प्रकाश ठाकुर को अपहरण के मामले में विभिन्न धाराओं में सजा सुनायी गयी.

सहरसा. व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो राकेश कुमार की अदालत के द्वारा बिहरा थाना क्षेत्र के बिहरा निवासी दोष सिद्ध अभियुक्त छोटू ठाकुर उर्फ वेद प्रकाश ठाकुर को अपहरण के मामले में विभिन्न धाराओं में सजा सुनायी गयी. दोष सिद्ध अभियुक्त को भादवि की धारा 363 के तहत चार वर्ष कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया. जुर्माने की रकम जमा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. भादवि की धारा 366 ए के तहत 6 वर्ष का कठोर कारावास तथा दस हजार अर्थदंड की सजा व अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं बाल विवाह विशेष अधिनियम की धारा 10 के अंतर्गत एक वर्ष का कठोर कारावास तथा 50 हजार का अर्थदंड किया गया. अर्थदंड नहीं देने पर 3 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. दोनों सजा साथ-साथ चलेगी. अभियुक्त के द्वारा कारा में बिताई गयी अवधि को सजा में समायोजित किया जायेगा. अर्थदंड की पचास हजार की राशि पीड़िता को दी जायेगी. न्यायालय में बहस के दौरान विशेष लोक अभियोजक कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा कि अभियुक्त छोटू कुमार अपहरण करने का दोषी पाया गया है. इसलिए अधिकतम सजा दी जाये. जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि अभियुक्त पढ़ने लिखने वाला लड़का है तथा मां-बाप का एकमात्र सहारा है. इसलिए कम से कम सजा दी जाये. मालूम हो कि उक्तवाद की सूचिका पीड़िता की मां ने बिहरा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी कि आरोपी छोटू ठाकुर उर्फ वेद प्रकाश ठाकुर तथा अन्य ने 12 बजे जब पीड़िता शैंपू के लिए दुकान गयी थी, तभी उसका अपहरण कर लिया.

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By Dipankar Shriwastaw

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