विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल श्रम उन्मूलन की दिलाई गई शपथ, अधिकारियों ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प

Saharsa News: सहरसा में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मियों ने बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होकर शपथ ली. सभी ने संकल्प लिया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराया जाएगा और समाज को इस बुराई के प्रति जागरूक किया जाएगा.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa News: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय सभागार में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लिया और समाज में जागरूकता फैलाने का वचन दिया.

बाल श्रम के खिलाफ उठी सामूहिक आवाज

कार्यक्रम का नेतृत्व क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक (आरडीडीई) अमित कुमार एवं आयुक्त के सचिव ने किया. इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मियों ने शपथ ली कि वे किसी भी रूप में बाल श्रम का समर्थन नहीं करेंगे और न ही इसे बढ़ावा देंगे.

14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम नहीं कराने का संकल्प

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में यह भी संकल्प लिया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से किसी प्रकार का श्रम कार्य नहीं कराया जाएगा. साथ ही बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही गई.

जागरूकता अभियान चलाने पर दिया जोर

कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता भी जरूरी है. इस उद्देश्य से समाज के विभिन्न वर्गों तक जागरूकता अभियान पहुंचाने का संकल्प लिया गया.

बाल श्रम मुक्त राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प

शपथ के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ बाल श्रम मुक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में कार्य करने की प्रतिज्ञा की. वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल और खेल का मैदान है, न कि मजदूरी के कार्यस्थल.

कई अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद

कार्यक्रम में उप निदेशक जनसंपर्क आलोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे. सभी ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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