सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa News: सहरसा में शुक्रवार अहले सुबह हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है, वहीं शहरी क्षेत्र के लोग जलजमाव की समस्या से जूझने को मजबूर हैं. शहर के अधिकांश वार्डों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जतायी है, जिससे शहरवासियों की चिंता बढ़ गयी है.
बारिश बनी किसानों के लिए राहत, शहरवासियों के लिए आफत
मानसून की बारिश ने जिले के किसानों को बड़ी राहत दी है. इस वर्ष अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई थी, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही थी. ऐसे में शुक्रवार की बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है.
अगुवानपुर कृषि महाविद्यालय के तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतें, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके.
नगर निगम की तैयारी फिर हुई फेल
शहर में जलजमाव की समस्या कोई नई नहीं है. पिछले एक दशक से अधिक समय से सहरसा के लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं. बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नगर निगम की ओर से तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं. इस बार भी थोड़ी बारिश ने निगम की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी है.
Saharsa News: लगभग सभी वार्डों में भरा पानी
शहर के शिवपुरी, नया बाजार, गांधी पथ, रिफ्यूजी कॉलोनी, कोसी कॉलोनी, गंगजला, बटराहा, अलीनगर, मीर टोला, महावीर चौक, हटिया गाछी, तिवारी टोला और सहरसा बस्ती समेत कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है.
मुख्य सड़कों पर भी पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई मोहल्लों में घरों के आसपास पानी जमा हो गया है.
अगले चार दिन और बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जतायी है. ऐसे में शहरवासियों को आशंका है कि यदि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गयी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
