पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत

Saharsa news: जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चों के माता-पिता घर के पास खेत में पशुओं के लिए चारा लाने गए थे. इसी दौरान बच्चे खेलते हुए चापाकल के पास बने पानी निकासी के गड्ढे तक पहुंच गए. बताया जा रहा है कि पैर फिसलने से दोनों बच्चे गड्ढे में गिर गए और पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई.

Saharsa news: सहरसा से राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट:

सहरसा: जिले के पतरघट थाना क्षेत्र अंतर्गत धबौली दक्षिणी पंचायत के टेकनमा मानिकपुर पट्टी महादलित टोला में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई. दोनों बच्चे खेलते-खेलते पानी भरे गड्ढे में गिर गए, जिससे डूबने से उनकी जान चली गई.

मृत बच्चों की पहचान जयकुमार सादा के तीन वर्षीय पुत्र दिव्यांश कुमार और रामकुमार सादा की ढाई वर्षीय पुत्री श्वेता कुमारी के रूप में हुई है.

जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चों के माता-पिता घर के पास खेत में पशुओं के लिए चारा लाने गए थे. इसी दौरान बच्चे खेलते हुए चापाकल के पास बने पानी निकासी के गड्ढे तक पहुंच गए. बताया जा रहा है कि पैर फिसलने से दोनों बच्चे गड्ढे में गिर गए और पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई.

जब परिजन खेत से वापस घर लौटे तो दोनों बच्चों को पानी में पड़ा देखा. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया. माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.

घटना की सूचना मिलते ही पतरघट थाना अध्यक्ष शशि कुमार और पुअनि नंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेजने की तैयारी शुरू कर दी.

थानाध्यक्ष शशि कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >