सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Saharsa news: शहर के शंकर चौक स्थित महिला सत्संग भवन में रविवार को दधीचि देह दान समिति बिहार की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में नेत्रदान और देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा मानव सेवा के इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया गया.
बैठक में पूर्णिया शाखा से आए पदाधिकारी डॉ. एएस गुप्ता, नीलम अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, रविन्द्र साह, आलोक लोहिया एवं उपेन्द्र नाथ शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे. सभी वक्ताओं ने नेत्रदान और देहदान के महत्व पर अपने विचार रखते हुए समाज के हर वर्ग तक जागरूकता फैलाने की अपील की.
इस दौरान सर्वसम्मति से दधीचि देह दान समिति की सहरसा शाखा का गठन किया गया. नवगठित समिति में राजेश यादुका को अध्यक्ष बनाया गया. वहीं राजेश पचेरीया एवं गोपाल दहलान को उपाध्यक्ष, आदित्य मित्तल को सचिव, नितेश अग्रवाल एवं विपुल दहलान को सह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके अलावा अमर दहलान, गोपाल शंकर गुप्ता एवं सुधीन्ध्र राजहंस को संरक्षक बनाया गया.
बैठक को संबोधित करते हुए नीलम अग्रवाल ने कहा कि मरणोपरांत दान की गई आंखें चार से छह लोगों के जीवन में नई रोशनी ला सकती हैं. उन्होंने कहा कि नेत्रदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है और समाज के लोगों को इसके लिए आगे आना चाहिए.
नवगठित समिति ने जल्द ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से संपर्क कर नेत्रदान एवं देहदान की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही. बैठक में मौजूद सदस्यों ने समिति के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर रोहित तुलस्यान, गौतम दहलान, सुशील दहलान, आनंद अग्रवाल, विकास खेतान, अमरनाथ शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम के अंत में पूर्णिया से आए पदाधिकारियों को दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया.
