सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa News: सहरसा. जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय और जिला राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है. मंगलवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसमें हाईवे सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर कई बड़े फैसले लिये गये. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब हाईवे पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और हर 15 दिन पर टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक कर कार्रवाई की प्रगति देखी जायेगी.
हाईवे पर बढ़ेगी पेट्रोलिंग और निगरानी
बैठक में एनएच-106, एनएच-327ई और एनएच-107 पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गयी. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित हाईवे पेट्रोलिंग और निरीक्षण के लिए एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों की संयुक्त सर्विलांस टीम बनाकर लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.
प्रशासन ने सड़क किनारे होने वाले अवैध अतिक्रमण, ढाबों और अस्थायी निर्माणों की पहचान कर सूची तैयार करने का निर्देश भी दिया है. जिला प्रशासन और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलायेंगे.
ब्लैक स्पॉट पर होगी विशेष कार्रवाई
बैठक के दौरान दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाने, स्पीड कंट्रोल उपाय लागू करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जायेगा.
आपात स्थिति से निपटने के लिए बीएलएस एम्बुलेंस, रिकवरी क्रेन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.
कैमरों और कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
बैठक में टीएमसीसी कैमरा, वीआईडीएस कैमरा, स्पीड डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और इमरजेंसी कॉल बॉक्स की कार्यशीलता की समीक्षा की गयी. प्रशासन अब सीसीटीवी आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल सेंटर से लाइव निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करेगा.
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है. इसके लिए परिवहन, पुलिस और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जायेगा.
