सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa News: सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सहरसा में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 106, 107 और 327ई पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और जिलाधिकारी दीपेश कुमार के आदेश के तहत जिला परिवहन कार्यालय की टीम ने सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की.
हाईवे किनारे खड़े 15 ट्रकों का काटा गया चालान
अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से पार्क किए गए 15 ट्रकों को चिन्हित कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया. अधिकारियों ने वाहन चालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने ट्रक और अन्य भारी वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें.
सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही अवैध पार्किंग
जिला प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध पार्किंग सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहों में शामिल है. ऐसे वाहनों के कारण यातायात बाधित होता है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना में जमा कराया जा सकता है.
बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ऑटो रिक्शा और अन्य वाहन चलाते पाए गए चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. इस दौरान 10 ऑटो चालकों पर बिना वैध अनुज्ञप्ति वाहन संचालन करने के कारण प्रत्येक पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.
हेलमेट, सीट बेल्ट और दस्तावेजों की भी हुई जांच
प्रवर्तन टीम ने हेलमेट, सीट बेल्ट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, वाहन बीमा, निबंधन प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की. नियमों का पालन नहीं करने वाले बाइक और चारपहिया वाहन चालकों पर भी नियमानुसार जुर्माना लगाया गया.
अधिकृत पार्किंग स्थल का करें उपयोग : डीटीओ
जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत बरनवाल ने ट्रक और भारी वाहन चालकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वाहन खड़ा करने से बचें. उन्होंने कहा कि वाहन केवल स्वीकृत ले-बाई, वे-साइड एमेनिटीज, पेट्रोल पंप, धर्मकांटा या अन्य अधिकृत पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें.
इस विशेष अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत बरनवाल, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी जीशान अहमद, मोटरयान निरीक्षक और सभी प्रवर्तन अवर निरीक्षक शामिल रहे. जिला परिवहन कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों के पालन के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे.
