सहरसा में सदर थाना पहुंचे डीआईजी, 5 घंटे तक की समीक्षा, लंबित मामलों पर सख्त निर्देश

Saharsa News : सहरसा पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी ने शनिवार को सदर थाना का औचक निरीक्षण किया. पांच घंटे तक चली समीक्षा के दौरान लंबित मामलों, पुलिसिंग व्यवस्था और जनसुविधाओं को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए.

सहरसा से अंजन आर्यन की रिपोर्ट.

Saharsa News : कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी कुमार आशीष ने शनिवार को गोद लिए गए सदर थाना का विस्तृत निरीक्षण किया. करीब पांच घंटे तक थाना परिसर में रहकर उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था, लंबित कांडों की स्थिति, जनता को मिलने वाली सुविधाओं और रिकॉर्ड संधारण की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने स्पष्ट किया कि थानों को अधिक जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आगंतुकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया.

थाना की हर व्यवस्था को परखा गया

सदर थाना पहुंचने पर डीआईजी को सशस्त्र बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने सिरिस्ता, अनुसंधान कक्ष, महिला हेल्पलाइन, ओडी और सीसीटीएनएस शाखा का निरीक्षण किया. थाना परिसर में पेयजल व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और कार्यालय संचालन की स्थिति का भी जायजा लिया गया. साथ ही एसडीपीओ कार्यालय और सर्किल इंस्पेक्टर कार्यालय की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई.

लंबित मामलों पर जताई चिंता

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पाया कि सदर थाना में कई मामले अपेक्षाकृत लंबे समय से लंबित हैं. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी प्रक्रियागत कमियों के कारण कई कांडों का निष्पादन प्रभावित हो रहा है. कुछ मामलों में प्रभार हस्तांतरण लंबित रहने से अनुसंधान की गति भी धीमी हुई है. इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित कर मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया.

आगंतुक कक्ष जल्द पूरा करने का आदेश

थाना परिसर में निर्माणाधीन आगंतुक कक्ष का निरीक्षण करते हुए डीआईजी ने अधिकारियों को इसका कार्य जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि थाना आने वाले फरियादियों को बैठने और अपनी बात रखने के लिए बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए. पुलिस व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जाएगी जब आम लोगों को सम्मानजनक माहौल और त्वरित सहायता उपलब्ध हो.

संवेदनशील व्यवहार पर जोर

डीआईजी कुमार आशीष ने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील और पारदर्शी व्यवहार अपनाने की सलाह दी. उन्होंने नियमित गश्ती, लंबित वारंटों के निष्पादन और अपराध नियंत्रण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उनका कहना था कि थानों की जवाबदेही बढ़ाकर ही लोगों को त्वरित न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है.

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक हिमांशु, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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