सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
Saharsa news: कोसी और सीमांचल क्षेत्र में एम्स की स्थापना की मांग को लेकर शनिवार को सहरसा में सर्व समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया. कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शंकर चौक स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित धरना के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
धरना में शामिल लोगों ने कहा कि कोसी क्षेत्र लंबे समय से बाढ़, गरीबी, विस्थापन और खराब स्वास्थ्य व्यवस्था की समस्या झेल रहा है. गंभीर बीमारी होने पर लोगों को इलाज के लिए पटना, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.
मोर्चा के अध्यक्ष विनोद कुमार झा और संरक्षक प्रवीण आनंद ने कहा कि सहरसा भौगोलिक रूप से कोसी और सीमांचल का केंद्र है. यहां एम्स बनने से सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार समेत नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी.
धरना में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि सहरसा में एम्स के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने के बावजूद क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है. उन्होंने भूमि चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने और पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की.
लोगों ने कोसी क्षेत्र को विशेष स्वास्थ्य आपदा क्षेत्र घोषित कर सहरसा में एम्स परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने की मांग उठाई.
धरना कार्यक्रम में मनोज कुमार गुप्ता, नीरज सोनू, धीरज कुमार, चंद्रशेखर झा, बिंदेश्वरी राय, लाल सिंह, आकाश गुप्ता, प्रवीण सिंह, संजय कुमार सिन्हा, हरिश्चंद्र चौधरी, अमृत राज और ध्रुव चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे.
