सहरसा में से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa Nasha Mukti Abhiyan : सहरसा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर लोग अपने गंतव्य की ओर जाने की तैयारी में थे. तभी अचानक ढोल की थाप गूंजी और कुछ कलाकारों ने अभिनय शुरू किया. देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ जुटने लगी. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में यह प्रस्तुति नशे की उस कड़वी हकीकत को सामने ला देगी, जो न सिर्फ एक व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है.
अंतर्राष्ट्रीय मद्यनिषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर सहरसा के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, भेड़धरी चौक और बैजनाथपुर में आयोजित कार्यक्रमों ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
आखिर ऐसा क्या दिखाया गया?
नुक्कड़ नाटक में कलाकारों ने गीत, संगीत और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से यह दर्शाया कि नशे की लत किस तरह व्यक्ति को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर ले जाती है. नाटक में यह भी दिखाया गया कि नशे का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है.
कलाकारों ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं.
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क्यों मची है चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की लत आज समाज के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. इसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है. नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों, आर्थिक स्थिति और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है.
यही वजह है कि उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ सचेत करने का प्रयास कर रहा है.
Saharsa Nasha Mukti Abhiyan: लोगों ने दिया साथ
नुक्कड़ नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे. लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और खासकर युवा पीढ़ी को सही दिशा मिलती है.
अभियान में निरीक्षक मद्यनिषेध संजीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक महेश कुमार सिंह सहित विभाग के कई पदाधिकारी और कर्मी सक्रिय रूप से शामिल रहे.
निरीक्षक मद्यनिषेध संजीत कुमार ने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सबसे अहम है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें.
उन्होंने बताया कि जिले में आगे भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में नशे के खिलाफ चेतना विकसित हो और युवाओं को सुरक्षित एवं सकारात्मक भविष्य की ओर प्रेरित किया जा सके.
नशे के खिलाफ यह अभियान सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को बेहतर और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है. इसकी सफलता तभी संभव है, जब हर व्यक्ति इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे.
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