सहरसा मंडी में मक्का और गेहूं में नरमी, चावल में आई तेजी

Saharsa Mandi: सहरसा मंडी में खरीदारों की कमी से दबा बाजार, चावल की मांग ने संभाली स्थिति

Saharsa Mandi: सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट. सहरसा की प्रमुख अनाज मंडी Saharsa Grain Market में रविवार को कारोबार का रुख पूरी तरह मिला-जुला रहा. मौसम साफ रहने के कारण मंडी में अनाज की आवक सामान्य से अधिक दर्ज की गयी, लेकिन खरीदारों की कमजोर सक्रियता ने पूरे बाजार को दबाव में डाल दिया. मक्का और गेहूं की कीमतों में नरमी देखी गयी, जबकि चावल के कुछ किस्मों में मजबूती का रुख बना रहा.

मक्का और गेहूं पर दबाव, बिक्री बढ़ने से घटे दाम

किसानों द्वारा लगातार मक्का की बिक्री किए जाने से बाजार में आपूर्ति बढ़ गयी. लेकिन खरीदारी सीमित रहने के कारण कीमतों पर दबाव बना रहा. मक्का 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कारोबार करता दिखा. गेहूं भी इसी दबाव का शिकार रहा और इसके दाम 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए.

व्यापारियों के अनुसार बड़े खरीदारों की सक्रियता कम रहने से फिलहाल इन फसलों में तेजी की उम्मीद कमजोर बनी हुई है.

चावल में मजबूती, बाहरी मांग से बाजार को मिला सहारा

दूसरी ओर चावल बाजार में मजबूती देखने को मिली. बाहरी राज्यों से मांग बढ़ने के कारण कुछ किस्मों के भाव में सुधार दर्ज किया गया. खिलाखिला चावल 5200 से 5280 रुपये प्रति क्विंटल, 24 कैरेट बासमती 5700 से 5760 रुपये और 24 कैरेट जी हां चावल 5500 से 5520 रुपये के बीच रहा.

दाल और तेलहन में स्थिरता, कोई बड़ा बदलाव नहीं

दलहन और तेलहन बाजार में भी किसी बड़े उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं रही. मसूर 6500 से 7000 रुपये, मूंग 9500 से 10000 रुपये और अरहर 12600 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रही. सरसों पीला 11000 से 12000 रुपये और सरसों तेल 15 लीटर टिन 2470 से 2480 रुपये के बीच स्थिर रहा. आलू और प्याज के दाम भी सीमित दायरे में रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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