सहरसा में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अवैध वसूली पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, चार लोग हिरासत में

Saharsa News: सहरसा जिला प्रशासन और पुलिस ने ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों से हो रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. शहर के कई प्रमुख इलाकों में छापेमारी कर चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनके पास से नगर निगम के नाम की रसीदें भी बरामद हुई हैं.

Saharsa News: सहरसा में ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों से कथित अवैध वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है. सोमवार को शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों और पार्किंग स्थलों पर एक साथ छापेमारी की गई. इस दौरान चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नगर निगम के नाम से छपी रसीदें भी बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर वाहन चालकों से पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए किया जा रहा था. अब प्रशासन पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है.

कई जगहों पर एक साथ हुई छापेमारी

पूर्व में मिल रही शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में विशेष अभियान चलाया. टीम ने शिवपुरी ढाला, बस स्टैंड, थाना चौक, रेलवे परिसर, सर्वा ढाला और व्यवहार न्यायालय के मुख्य द्वार के सामने स्थित पार्किंग स्थलों पर एक साथ छापेमारी की.

अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से कथित अवैध वसूली करने वालों में हड़कंप मच गया.

चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया

कार्रवाई के दौरान शिवपुरी ढाला, बस स्टैंड और व्यवहार न्यायालय के पास से तीन लोगों को कथित रूप से पार्किंग शुल्क वसूलते हुए हिरासत में लिया गया. वहीं रेलवे परिसर स्थित पार्किंग में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की शिकायत के आधार पर एक अन्य व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए सदर थाना लाया गया.

हालांकि सर्वा ढाला में हुई छापेमारी के दौरान कोई व्यक्ति या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई.

नगर निगम के नाम की रसीद मिलने से जांच तेज

छापेमारी के दौरान तीन लोगों के पास से नगर निगम के नाम से छपी रसीदें बरामद हुईं. प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इन रसीदों का इस्तेमाल ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से शुल्क वसूलने के लिए किए जाने की बात सामने आई है.

मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति यह नहीं बता सका कि उसे शुल्क वसूलने का अधिकार किसने दिया था. इसके बाद बरामद रसीदों को जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.

किसके संरक्षण में चल रहा था नेटवर्क?

जिला प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि नगर निगम के नाम की रसीदें कहां से छपवाई गईं, किसके निर्देश पर उनका इस्तेमाल किया जा रहा था और इस कथित अवैध वसूली के पीछे कौन लोग शामिल हैं.

जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि कहीं यह पूरा मामला किसी संगठित गिरोह, ठेकेदार या अन्य व्यक्ति के संरक्षण में तो नहीं संचालित हो रहा था.

Saharsa News: उप विकास आयुक्त ने क्या कहा

उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान कई स्थानों पर ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों से बिना वैध अनुमति के टैक्स और पार्किंग शुल्क वसूले जाने की जानकारी मिली.

उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां पूरी तरह गैर-कानूनी हैं और प्रशासन इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

शिकायतों की भी होगी जांच

उप विकास आयुक्त ने कहा कि टेंपो और ऑटो चालकों द्वारा पहले जिलाधिकारी को पार्किंग व्यवस्था और अवैध वसूली को लेकर आवेदन दिए जाने की जानकारी फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं थी.

यदि ऐसे आवेदन या शिकायतें उपलब्ध होती हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि शहर में वैध पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान जारी रहेंगे.

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. अब तक लगातार सहरसा से क्राइम और स्वास्थ्य की खबरें संकलित करता हूं.

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