सहरसा में फुटपाथ दुकानदारों की मांग, पहले छह वेंडिंग जोन बनाएं फिर हटाएं अतिक्रमण

सहरसा में फुटपाथ दुकानदारों को हटाने की कवायद के बीच उनके पुनर्वास का मुद्दा गरमाया हुआ है. दुकानदारों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम से स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर छह वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग की है. इसका उद्देश्य शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ इन दुकानदारों के रोजगार को भी सुरक्षित रखना है.

Saharsa Footpath Vendors: सहरसा. शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए फुटपाथ दुकानदारों को हटाने की कवायद के बीच उनके पुनर्वास का मुद्दा सामने आया है. बुधवार को फुटपाथ दुकानदारों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के मेयर बैन प्रिया, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा एवं उप मेयर गुड्डू हयात के साथ वार्ता की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने फुटपाथ दुकानदारों के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की.

प्रतिनिधिमंडल में शामिल सीपीआई के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में फुटपाथ दुकानदारों के लिए छह वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव पूर्व की बैठक में पारित हो चुका है. ऐसे में शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था के नाम पर दुकानदारों को हटाने से पहले प्रस्तावित वेंडिंग जोन को विकसित कर उन्हें व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

छह वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग

ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाना जरूरी है. लेकिन सौंदर्यीकरण का मतलब गरीब और छोटे दुकानदारों को उनके रोजगार से वंचित करना नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर दुकान लगाकर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ऐसे में उन्हें हटाने से पहले उनके रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है.

उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि पहले छह प्रस्तावित वेंडिंग जोन को विकसित किया जाये. इसके बाद फुटपाथ दुकानदारों को वहां व्यवस्थित तरीके से जगह उपलब्ध करायी जाये, ताकि शहर की व्यवस्था भी बनी रहे और दुकानदारों का रोजगार भी प्रभावित नहीं हो.

रोजगार बचाते हुए हो शहर का विकास

ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि शहर का विकास तभी सार्थक होगा, जब उसमें गरीब और छोटे दुकानदारों के हितों का भी ध्यान रखा जाये. उनके अनुसार, शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन विकास की प्रक्रिया में रोजी-रोजगार से जुड़े लोगों को भी सुरक्षित रखना होगा.

उन्होंने कहा कि भारत केवल नक्शे का नाम नहीं है, बल्कि उस नक्शे के अंदर रहने वाले नागरिकों से बनता है. इसलिए विकास और सौंदर्यीकरण की योजनाएं बनाते समय समाज के कमजोर और गरीब वर्ग के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.

वेंडिंग जोन से दोनों पक्षों को फायदा

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित वेंडिंग जोन उपलब्ध कराने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है. दुकानदारों को स्थायी और व्यवस्थित स्थान मिलने से उनका रोजगार जारी रहेगा, जबकि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी अव्यवस्था कम की जा सकेगी.

वेंडिंग जोन विकसित होने से यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है. दुकानदारों को एक निर्धारित स्थान मिलने पर शहर के बाजार क्षेत्रों को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सकेगा.

Saharsa Footpath Vendors: दुकानदारों के पुनर्वास पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया कि फुटपाथ दुकानदारों को सीधे उजाड़ने के बजाय पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाये. छह प्रस्तावित वेंडिंग जोन को विकसित कर दुकानदारों को वहां स्थान देने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाये, ताकि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ उनके परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके.

Also Read: बिहार में बाढ़ ने रोकी बिहार के बच्चों की पढ़ाई, कहीं स्कूल डूबे तो कहीं रास्ते बने बाधा

Also Read: बिहार में बाढ़ से 40 लाख से ज्यादा लोग खतरे में, 14 जिलों में स्थिति गंभीर, उफान पर नदियां

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar Mishra

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >