Saharsa News: सहरसा में आयोजित सहयोग शिविरों में लोगों ने अपनी समस्याएं इस उम्मीद के साथ दर्ज कराई थीं कि उनका समाधान तय समय में होगा. लेकिन कई मामलों के लंबित रहने पर अब जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. मंगलवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने गूगल मीट के माध्यम से सभी संबंधित विभागों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित परिवादों की स्थिति जानी और स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए.
बैठक में डीएम ने सिर्फ प्रगति रिपोर्ट नहीं मांगी, बल्कि यह भी कहा कि शिकायतों का निष्पादन समयबद्ध होने के साथ गुणवत्तापूर्ण भी होना चाहिए. उनका जोर इस बात पर रहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समय पर मिले और शिकायतों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाए.
सहयोग शिविरों की शिकायतों पर डीएम की सीधी नजर
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बैठक के दौरान सहयोग शिविरों से प्राप्त सभी लंबित परिवादों की अद्यतन स्थिति की विभागवार समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किन शिकायतों का निपटारा हो चुका है और किन मामलों में अब भी कार्रवाई बाकी है.
डीएम ने कहा कि प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से लिया जाए और उसका समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को बिना उचित कारण लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा.
पोर्टल अपडेट करने के भी दिए निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उन मामलों पर भी ध्यान दिया, जिनका समाधान हो चुका है लेकिन उनकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन शिकायतों का निष्पादन पूरा हो चुका है, उनकी प्रविष्टि तुरंत पोर्टल पर दर्ज की जाए. वहीं लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए.
विभागों के बीच समन्वय पर दिया जोर
समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों की अलग-अलग समीक्षा की गई. डीएम ने कहा कि सहयोग शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समस्याओं का समय पर समाधान हो सके.
सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसके लिए शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी होनी चाहिए.
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी की जाए और समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए.
Saharsa News: बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता गौरव कुमार, वरीय उप समाहर्ता राजू कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी शामिल हुए.
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने लंबित परिवादों का शीघ्र निष्पादन करने और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने का भरोसा दिलाया.
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