सहरसा में बाल मजदूरी पर चला प्रशासन का चाबुक: गैरेज से मुक्त हुआ 13 साल का मासूम, मालिक पर FIR दर्ज

कहरा में बाल श्रमिकों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत एक 13 वर्षीय नाबालिग को मोटरसाइकिल गैरेज से मुक्त कराया गया. नियोजक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

Saharsa Child Labour Rescued Kahra: बचपन को मजदूरी की भट्टी में झोंकने वालों के खिलाफ सहरसा में मंगलवार को प्रशासन का बड़ा चाबुक चला. कहरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सदर थाना के पॉलीटेक्निक बाइपास रोड स्थित एक मोटरसाइकिल गैरेज से जब 13 साल के बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया, तो आसपास के दुकानदारों और व्यावसायिक नियोजकों में हड़कंप मच गया. यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बाल श्रम उन्मूलन विशेष अभियान का हिस्सा थी.

धावादल की औचक छापेमारी और 13 साल के मासूम का रेस्क्यू

कहरा प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम यानी धावादल ने विशेष अभियान चलाया. इस दौरान टीम ने विभिन्न होटलों, दुकानों, ढाबों और गैरेज का औचक निरीक्षण किया. जांच के क्रम में सदर थाना क्षेत्र के पॉलीटेक्निक बाइपास रोड पर स्थित एक मोटरसाइकिल गैरेज में 13 वर्षीय मासूम बालक काम करता हुआ पाया गया. टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को काम से विमुक्त कराया और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), सहरसा के समक्ष सुरक्षित सुपुर्द कर दिया.

गैरेज मालिक पर लटकी कानूनी तलवार, जेल और जुर्माने का प्रावधान

बाल श्रम कराने वाले गैरेज मालिक के खिलाफ पुलिस और श्रम विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. कहरा के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (एलईओ) रविंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में सदर थाने में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. एलईओ ने कड़ा संदेश देते हुए बताया कि किसी भी नाबालिग से काम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है. अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने वाले नियोजक को छह महीने से लेकर दो साल तक की जेल या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का आर्थिक जुर्माना या फिर दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं.

बाल अधिकारों की सुरक्षा और समाज पर गहरा असर

मासूमों का शोषण रोककर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर मोड़ना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है. अक्सर गरीबी और पारिवारिक मजबूरियों का फायदा उठाकर छोटे-छोटे बच्चों को कम मजदूरी पर काम में लगा लिया जाता है. धावादल की इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय प्रतिष्ठानों और दुकानदारों के बीच कड़ा संदेश गया है कि बाल श्रम कराने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. विमुक्त कराए गए बच्चे के पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने की विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

Saharsa Child Labour Rescued Kahra: जिलेभर में जारी रहेगा अभियान, जानिए कौन-कौन थे टीम में शामिल

सहरसा जिले के अलग-अलग प्रखंडों में बाल श्रमिकों को दलदल से निकालने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. मंगलवार को चलाए गए इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में कहरा एलईओ रविंद्र कुमार शर्मा के साथ महिषी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रितेश कुमार, जिला चाइल्ड हेल्पलाइन की समन्वयक टूसी कुमारी, कोसी लोक मंच के राजेश कुमार मल्लिक और पुलिस बल के जवान मुस्तैदी से शामिल रहे. प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अगर कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराई जा रही हो तो उसकी सूचना तुरंत श्रम विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर दें.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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