Bihar BPSC Teachers: बिहार के सहरसा जिले में कुछ शिक्षक जांच में फर्जी पाए गए हैं. जांच में उनके प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई है. इससे उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है. पिछले तीन-चार साल में बीपीएससी के जरिए टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के तहत करीब चार हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. इन सभी शिक्षकों के डाक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है. इसी दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हासिल की गई.
बड़ा नेटवर्क कर रहा काम
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गड़बड़ी सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. माना जा रहा है कि शिक्षा माफिया का जाल इतना मजबूत है कि उसकी पहुंच हाई लेवल तक है. ऐसे में विभाग अब और सख्ती से जांच कर रहा है.
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पहले भी पकड़े गए फर्जी टीचर
यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी 2012 से 2015 के बीच पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर शिक्षक भर्ती में कई फर्जी लोग पकड़े गए थे. उस समय भी कई लोगों की नौकरी चली गई थी. अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है.
फिलहाल शिक्षा विभाग लगातार सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कर रहा है. जिन लोगों के कागज सही नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है.
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