मांगें पूरी नहीं होने तक काम पर लौटने से इंकार

मांगें पूरी नहीं होने तक काम पर लौटने से इंकार

राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल जारी सलखुआ . राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े हुए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि बेहतर वेतनमान, कार्य स्थितियों में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता तथा सेवा संबंधी अन्य लंबित मांगों को लेकर वे लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं निकला है. हड़ताली कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे और हड़ताल जारी रखेंगे. इस हड़ताल का असर प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है. कई बार वार्ता और ज्ञापन के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है. हड़ताल पर गये राजस्व कर्मचारी संतोष झा, वरुण कुमार, संदीप कुमार गौतम कुमार, सुनिल गावस्कर सहित अन्य के द्वारा बताया जा रहा है कि यह आंदोलन राज्य स्तर पर बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में भी प्रभाव डाल सकता है और यह व्यापक स्तर पर भारत में चल रहे किसी राष्ट्रव्यापी या विभागीय आंदोलन का हिस्सा भी हो सकता है. वहीं प्रशासन की ओर से कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि कामकाज सामान्य हो सके और आम जनता को राहत मिल सके. …………………………………………………………………………… राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई सलखुआ अंचल सबसे अधिक प्रभावित सलखुआ . राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर चट्टानी एकता का परिचय देते हुए 12 फरवरी से हड़ताल पर चले गये हैं. हड़ताल का असर पूरे जिला सहित सलखुआ अंचल में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. अंचल कार्यालयों में भूमि संबंधी कार्य ठप पड़ जाने से भूमि रैयतों और किसानों के सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. दूरदराज गांवों से आये भू-स्वामी दिनभर कार्यालय परिसर में भटकते नजर आये. दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लगान रसीद निर्गत, जमीन मापी, प्रमाण पत्र सत्यापन समेत कई आवश्यक कार्य बाधित रहे. कई लोग सुबह से अंचल कार्यालय पहुंचकर घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण निराश होकर लौटना पड़ा. लगातार हड़ताल से आमजन में असंतोष बढ़ता जा रहा है. भाकपा के ओमप्रकाश नारायण, वीआइपी के मिथिलेश विजय, जदयू के मुखिया रणवीर यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष जायसवाल सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि आये दिन की हड़ताल से वे त्रस्त हो चुके हैं. एक सप्ताह पूर्व सीओ अवकाश पर थे, उससे पहले भी राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर रहे और अब फिर से हड़ताल ने व्यवस्था को ठप कर दिया है. हड़ताल के कारण किसानों और भूमि रैयतों के कई महत्वपूर्ण मामले लंबित हो गये हैं. बैंक ऋण स्वीकृति, फसल बीमा, जमीन संबंधी प्रमाणन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन अटके रहने से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है.

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By Dipankar Shriwastaw

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