सहरसा की बेटी प्रीति चौधरी का यूजीसी नेट में जलवा: 97.68 पर्सेंटाइल लाकर अंग्रेजी में लहराया परचम, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी के लिए हुईं क्वालीफाई

प्रीति चौधरी ने UGC NET जून परीक्षा में 97.68% अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर व पीएचडी प्रवेश हेतु योग्यता हासिल की है. जानें उनकी सफलता की कहानी.

Saharsa News: जब मेहनत, लगन और सही दिशा में किया गया प्रयास एक साथ मिलते हैं, तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूमने लगती है. बिहार के सहरसा जिले की मेधावी बेटी प्रीति चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर की कठिन मानी जाने वाली यूजीसी नेट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित यूजीसी नेट जून 2026 के नतीजों में प्रीति ने अंग्रेजी जैसे प्रतिस्पर्धी विषय में 97.68 पर्सेंटाइल अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. इस सफलता के साथ ही उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी में दाखिले के लिए अपनी पात्रता साबित कर दी है.

300 में से 204 अंक लाकर हासिल किया मुकाम

सहरसा जिले के ऐतिहासिक महिषी गांव निवासी और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) के उप परीक्षा नियंत्रक जगतपति चौधरी की पुत्री प्रीति चौधरी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा तक हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. उन्होंने यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थी के रूप में अंग्रेजी विषय से दी थी. घोषित परिणाम के अनुसार, प्रीति ने कुल 300 अंकों की लिखित परीक्षा में से 204 अंक प्राप्त किए. उनका कुल पर्सेंटाइल स्कोर 97.6883562 रहा. एनटीए द्वारा जारी आधिकारिक स्कोरकार्ड में उन्हें उच्च शिक्षा संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद और पीएचडी में प्रवेश के लिए पूरी तरह से योग्य घोषित किया गया है.

कड़ी मेहनत, लगन और परिवार के मार्गदर्शन की कहानी

प्रीति चौधरी की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि के पीछे उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और परिवार का निरंतर प्रोत्साहन रहा है. उनके पिता जगतपति चौधरी स्वयं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे घर में हमेशा से ही पढ़ाई-लिखाई और प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल बना रहा. प्रीति ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने बताया कि अंग्रेजी साहित्य जैसे विशाल विषय पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए उन्होंने नियमित अध्ययन और गहन विश्लेषण का रास्ता चुना, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया.

ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

कोसी और सहरसा जैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले क्षेत्रों से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षाओं में से एक में 97.68 पर्सेंटाइल हासिल करना बेहद खास मायने रखता है. प्रीति की यह सफलता इलाके की उन तमाम छात्राओं और बेटियों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बनकर सामने आई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा और प्रोफेसर बनने का सपना देखती हैं. स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन यह दर्शाता है कि अगर सही अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो सहरसा की बेटियां देश के किसी भी मंच पर अपनी मेधा साबित कर सकती हैं.

Saharsa News: परिजनों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर, बधाइयों का तांता

प्रीति चौधरी की इस शानदार उपलब्धि की खबर मिलते ही महिषी गांव और सहरसा शहर में खुशी का माहौल बन गया. घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. परिवार के सदस्यों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की. इस अवसर पर विद्यापति झा, पवन चौधरी, पिंकू मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों और परिजनों ने प्रीति को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. लोगों ने कहा कि उनकी यह सफलता उनकी अथक मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है. प्रीति अब असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में शिक्षा क्षेत्र में अपना योगदान देकर देश का भविष्य संवारने को तैयार हैं.

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By Vinay Kumar Mishra

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